भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष कृपाल परमार ने दिया इस्तीफा, कहा, चार साल से मिली जलालत

हिमाचल प्रदेश उपचुनाव के बाद भाजपा को एक और झटका लगा है। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष कृपाल परमार ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है।भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सुरेश कश्यप को उन्होंने त्यागपत्र भेज दिया है। उन्होंने कहा वह भाजपा कार्यकर्ता के रूप में पार्टी के लिए कार्य करते रहेंगे। उन्होंने कहा वह पार्टी के सच्चे कार्यकर्ता हैं। पिछले चार सालों से पार्टी में उनकी लगातार अनदेखी हो रही है। अब वह और जलालत नहीं सह सकते। भाजपा प्रदेश कार्यसमिति की बैठक से ठीक पहले परमार के त्‍याग पत्र से राजनीतिक गलियारों में खासी चर्चा है।

उपचुनाव में भाजपा की हार के बाद यह चर्चा चल रही है कि संगठन में सब कुछ ठीक-ठाक नहीं चल रहा है। भाजपा ने फतेहपुर विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में कृपाल परमार का टिकट काटकर उनकी जगह बलदेव ठाकुर को चुनावी मैदान में उतारा था, वह चुनाव हार गए थे। कृपाल परमार ने कहा कि जब मेरा टिकट काटा तो उस समय भी मैं मीडिया में नहीं गया और कुछ भी पार्टी के खिलाफ नहीं कहा। पिछले चार साल से जब से सरकार सत्ता में आई है आम कार्यकर्ता की तरह काम करता रहा हूं। इसके बावजूद जलालत ही मिली। इसके अलावा कुछ नहीं मिला।

परमार ने कहा जब टिकट काटा उसमें मैंने पूरी तरह से पार्टी का साथ दिया। इसके बावजूद मेरे साथ उसी तरह का व्यवहार किया जाता रहा जैसे पहले किया जाता था। वह इससे आहत हैं और जलालत को इससे ज्यादा सहन नहीं कर सकते, इसलिए अपने पद से त्यागपत्र दिया है। लेकिन पार्टी में बने रहेंगे।

परमार ने कहा वह अपनी बात सही प्लेटफार्म पर रखेंगे। परमार ने कहा हिमाचल में अपनी बात हर स्तर के नेता के पास रखी। लेकिन कहीं भी कोई जब मुझे रास्ता नहीं दिखा तो यह त्यागपत्र देने का फैसला लिया है, क्योंकि आज पार्टी के लिए काम किया है अपने आत्मसम्मान के साथ एक जीवन जिया है।

कृपाल परमार इससे पहले राज्यसभा के सांसद रह चुके हैं और कांगड़ा के कद्दावर नेताओं की सूची में शुमार रहते हैं। पूर्व मुख्‍यमंत्री प्रेम कुमार धूमल के काफी नजदीकी माने जाते थे और राज्य परिवहन निगम के उपाध्यक्ष के पद पर भी राज्य में सेवाएं दे चुके हैं।

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