बिटिया फाउंडेशन ने दो परिवारों को दी नई जिंदगी, एक बार फिर करवाया रंजना और अभिषेक का विवाह

बिटिया फाउंडेशन ने आज फिर दो परिवारों को नई जिंदगी दी। कहते है कि औरत की उम्र और पुरुष की कमाई कभी नहीं पूछनी चाहिए। उसका कारण यही है कि औरत कभी अपने लिए नहीं जीती और पुरुष कभी अपने लिए नहीं कमाता। पति पत्नी से बोला अगर में तुमसे कुछ मांगने को कहु तो तुम क्या मांगोगी? पत्नी ने कहा कि अगर कभी मेरी आँखों में आँसू आए तो उन आंसुओं की वजह आप कभी मत बनना।

आज बिटिया फाउंडेशन की राष्ट्रीय अध्यक्षा सीमा सांख्यान और उनकी पूरी टीम ने फिर एक बार साबित कर दिया कि दो दिलों और दो परिवारों को मिलाना इनका काम है। इनकी हमेशा से यही कोशिश होती है कि किसी भी  परिवार को बिछड़ने नहीं दिया जाए। आज सीमा सांख्यान ने बिटिया फाउंडेशन के मुख्या कार्यालय में दो बच्चों यानि रंजना और अभिषेक राणा की फिर से शादी करवाई और उनके परिवारों को फिर से मिलाया।

सीमा सांख्यान ने कहा कि ति पत्नी में संबंध मजबूत होना चाहिए, मजबूर नहीं। पत्नी कभी पति के लिए समस्या नहीं होती, पत्नी तो पति के सुख दुःख में साथी होती हे, जिंदगी के ऐसे मोड़ पर भी जहां दूर दूर तक कोई साथ नहीं होता। जवानी में आप अपनी पत्नी की इज्जत कर लीजिए, बुढ़ापे में वह आपका बुढ़ापा सवार देगी। क्योंकि बुढ़ापे में आपका बेटा या बेटी भले आपको साथ न दे, पर आपकी पत्नी आपका मरते दम तक साथ निभाएगी।

सीमा सांख्यान और उनकी पूरी टीम ने दोनों बच्चों को शुभकानाएं दी और ख़ुशी ख़ुशी अपना जीवन व्यतीत करने का आशीर्वाद दिया।
इस शुभ अवसर पर रंजना की माता सरला देवी, लड़के अभिषेक के पिता शशि पाल, माता पुष्पा देवी, बहन पूजा देवी, कंचन चंदेल, माया देवी, उर्मिला देवी, सीमा देवी, अंजू देवी आदि  शामिल रहे। 

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