भीम आर्मी की प्रदेश स्तर की बैठक संपन्न, उठाया गया प्रदेश में हो रहे जाति आधारित हिंसा का मुद्दा

हिमाचल प्रदेश में दिन प्रतिदिन जाति आधारित हिंसा में वृद्धि होती जा रही है। सरकार और पुलिस हर जगह मनमानी करके आम जनता को न्याय से वंचित कर रही है। ऐसे हाल में प्रदेश में भीम आर्मी ने कदम रखा है और कई मामलों में अन्याय के आवाज बुलंद करके पीड़ितों को न्याय दिया है। भीम आर्मी हिमाचल प्रदेश का कहना है कि हम यह बीड़ा तब तक उठाए रखेंगे जब तक प्रदेश में दलितों, अल्पसंख्यकों और महिलाओं की स्थिति सुधर नही जाती। खुद को उच्च जाति का बताने वाले भारतीय संविधान और कानून के मुताबिक आचरण करना शुरू नही कर देते।

भीम आर्मी की बैठक में प्रदेश के अलग अलग जिलों से आए पदाधिकारियों, आम लोगों और जाति आधार पर पीड़ित लोगों ने हिस्सा लिया। बैठक की अध्यक्षता याकूब खान, वरिष्ठ प्रदेश उपाध्यक्ष ने की। इस बैठक में व्यक्ताओं ने प्रदेश में दलितों, महिलाओं और अल्पसंख्यकों की हालत पर चिंता व्यक्त की और सरकार से मांग की कि हिमाचल में कानून और संविधान के मुताबिक दलितों, महिलाओं और अल्पसंख्यकों को अधिकार दिए जाएं। सभी व्यक्ताओं ने एक सुर में प्रदेश सरकार और पुलिस से मांग की कि प्रदेश में एससी एसटी एक्ट को सुप्रीम कोर्ट और लोकसभा से पारित स्थिति में लागू किया जाए ताकि प्रदेश में जाति आधारित हिंसा करने वालों को तत्काल गिरफ्तार किया जा सके।

इस बैठक में भीम आर्मी संगठन मंत्री पंकज कुमार, मीडिया प्रभारी चंद्रमणि, मीडिया प्रभारी राजेन्द्र सूर्यवंशी, राज्य प्रवक्ता सुरेश कुमार, प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष याकूब खान, कुल्लू विधानसभा अध्यक्ष चौबे राम भाटिया, मंडी उपाध्यक्ष हंस राज, महिला अध्यक्ष मंडी किरण राही, प्रदेश उपाध्यक्ष बलबीर कुमार, जिला उपाध्यक्ष मंडी हंसराज, दरंग विधानसभा अध्यक्ष एमएस सोनी, प्रदेश सहसचिव रंजीत सिंह, जिला सलाहकार मंडी सुभाष चंद आदि शामिल हुए।

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