Himachal: बैंक मैनेजर ने चहेते को फर्जी दस्तावेजों पर दे दिया पांच लाख का लोन, एफआईआर दर्ज

हिमाचल प्रदेश के सहकारी बैंकों में फर्जी दस्तावेजों के सहारे चहेतों को लोन देने का सिलसिला थम नहीं रहा है। केसीसी बैंक से जुड़े कई फर्जी बैंक लोन के मामलों की जांच कर ही विजिलेंस के पास अब सोलन के जोगिंद्रा केंद्रीय सहकारी (जेसीसी) बैंक की नौणी शाखा में फर्जी दस्तावेजों के सहारे पांच लाख का लोन देने का मामला आया है।

प्रारंभिक जांच में आरोप सही मिलने पर ब्यूरो ने मामले में बैंक की नौणी शाखा की शाखा प्रबंधक निशा रानी समेत दो लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। जानकारी के अनुसार नौणी विश्वविद्यालय के कर्मचारी ने ब्यूरो के पास शिकायत की कि उन्होंने दिसंबर 2016 में बैंक की नौणी शाखा से लोन के लिए आवेदन किया।

आवेदन के साथ उन्होंने विश्वविद्यालय के डीडीओ से डीडीओ अंडरटेकिंग फार्म पर हस्ताक्षर करवाकर बैंक मैनेजर को दिए, लेकिन बैंक मैनेजर ने इसका दुरुपयोग शिक्षा देवी नाम की महिला के पांच लाख के लोन में कर दिया। खास बात यह है कि इस दौरान डीडीओ अंडरटेकिंग में कटिंग कर साल 2016 को 2017 कर दिया गया। अन्य लोन दस्तावेजों पर गारंटर के तौर पर शिकायतकर्ता के ही झूठे हस्ताक्षर भी कर दिए। शिकायत पर ब्यूरो ने जांच की तो फोरेंसिक ब्यूरो से इसकी पुष्टि हो गई। दूसरे गारंटर के तौर पर जिन राजेंद्र कुमार का नाम दर्ज था, उन्होंने भी अपने हस्ताक्षर न होने के बयान दे दिए। इस बीच, बैंक ने भी विभागीय जांच कराई जिसमें भी बैंक मैनेजर निशा रानी पर पद के दुरुपयोग के आरोप लगे। इन्हीं तथ्यों के आधार पर ब्यूरो ने अब मामले में बैंक मैनेजर व लोन लेने वाली महिला के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।

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