Pollution in Himachal: बद्दी की हवा सबसे ज्यादा प्रदूषित, शिमला में हवा के हालात सबसे बहेतर

शिमला. दिल्ली में प्रदूषण (Pollution) के चलते सांस लेना दूभर हो रहा है, लेकिन हिमाचल में हवा अब भी दिल्ली, हरियाणा और पंजाब के मुकाबले काफी बेहतर और साफ है. सूबे में शिमला (Shimla) शहर का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) सबसे साफ रहा है. बता दें कि हिमाचल में दिवाली (Diwali 2021) पर केवल दो घंटे ही पटाखे जलाने की इजाजत थी.

जानकारी के अनुसार, हिमाचल में दिवाली पर पटाखे फोड़ने से हवा प्रदूषित हुई, लेकिन सबसे खराब एयर क्वालिटी इंडेक्स सोलन के बद्दी, नालागढ़, कालाअंब, कांगड़ा के डमटाल, मंडी के सुंदरनगर, मनाली और अन्य शहरों का रहा. प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड के अनुसार, सूबे में शिमला में सबसे बेहतर एयर क्वालिटी इंडेक्स दर्ज किया गया है.

सोलन जिले के औद्योगिक क्षेत्र बीबीएन का एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) मॉडरेट रहता है. दिवाली पर उद्योग बंद रहे, लेकिन पटाखे फोड़ने के चलते प्रदूषण से हवा की गुणवत्ता मॉडरेट रही. बद्दी का एयर क्वालिटी एंडेक्स सबसे ज्यादा 165, पीएम-10 197 और पीएम 2.5 -29.11 रहा. बीबीएन में करीब तीन हजार छोटे बड़े उद्योग हैं. बता दें कि एयर क्वालिटी एंडेक्स में जीरो से 50 तक गुड, 51-100 तक संतोषजनक, 101-200 तक मॉडरेट, 201-300 खराब, 301-400 बहुत खराब माना जाता है.

दूसरे शहरों का हाल

हिमाचल में सोलन के बद्दी में एक्यूआई 165, नालागढ़ में 110, पांवटा साहिब 96, कालाअंब 77, ऊना में 72, धर्मशाला में 57, डमटाल में 53, मनाली 50, सुंदरनगर 46, परवाणू 39 और शिमला में एक्यूआई 38 के स्तर तक रहा. बद्दी में शुक्रवार को दूसरे दिन भी हवा की गुणवत्ता 106 रही. ऐसे में हिमाचल में हवा इतनी खराब नहीं है.

जहां-जहां उद्योग वहां हवा खराब

हिमाचल में जिन-जिन शहरों में औद्योगिक गतिविधियां ज्यादा हैं. वहां पर प्रदूषण का स्तर ज्यादा है. सोलन के बद्दी, नालागढ़ और बरोटीवाला में ज्यादा उद्योग हैं. वहीं, सुंदरनगर के आसपास भी ज्यादा औद्योगिक गतिविधियां होती हैं. बता दें कि हिमाचल में सूबे का 25 फीसदी एरिया वन क्षेत्र में आता है.

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