स्वच्छता सर्वेक्षण; स्वच्छता में पिछड़ा मंडी, सुंदरनगर और सरकाघाट ने लगाई लंबी छलांग

मंडी। शिक्षा, आध्यात्मिक पर्यटन और आधुनिक विकास के हब के रूप में तेजी से विकसित हो रही छोटी काशी मंडी से हमेशा बेहतर स्वच्छता की उम्मीद की जाती है। यह और बात है कि स्वच्छ शहरों की रैकिंग में मंडी जिला अब तक अपेक्षा के अनुरूप प्रदर्शन नहीं कर पाया है।

कभी नगर निगम, परिषद या पंचायत के स्तर पर तो कभी नागरिकों के स्तर पर कमी रह गई। इस दफा नेरचौक को छोड़ अन्य शहरी निकायों ने व्यवस्थाओं में काफी सुधार किया। यही वजह रही कि मंडी नगर निगम के अलावा सुंदरनगर, जोगिंद्रनगर, सरकाघाट नगर परिषद और करसोग और रिवालसर नगर पंचायत ने स्वच्छता रैंकिंग में अच्छा सुधार किया है।

सुंदरनगर ने 348 की छलांग लगाकर और सरकाघाट ने 339 रैंक की लंबी छलांग लगाई है। इन सबके बीच आधुनिक शहरों की तर्ज पर विकसित हो रहे नेरचौक की नगर परिषद फिसड्डी रही है। 194 रैंक की गिरावट के साथ नेरचौक 502 से सीधे 696 पायदान पर पहुंच गया है।

स्वच्छ सर्वेक्षण निकाय 2020 2021 रैंक+सुधार/-गिरावट
मंडी नगर निगम 172 155 +17
सुंदरनगर नगर परिषद 864 516 +348
जोगिंद्रनगर नगर परिषद 707 520 +187
सरकाघाट नगर परिषद 683 344 +339
नेरचौक नगर परिषद 502 696 -194
करसोग नगर पंचायत 696 559 +137
रिवालसर नगर पंचायत 462 334 +128

2016 में ग्रामीण स्वच्छता में मंडी आया था पहले स्थान पर
मंडी जिले को ग्रामीण स्वच्छता में 2016 में देशभर में पहला पुरस्कार मिल चुका है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उस समय सरकार और जिला प्रशासन की पीठ थपथपाते हुए यह सम्मान दिया था। लेकिन मंडी के शहरी क्षेत्रों में आशा अनुरूप स्वच्छता को लेकर काम नहीं हो पाया है। स्वच्छता के पैमाने में उतार चढ़ाव के आगे कुछ खास मंडी जिला नहीं कर सका है।

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