Firecracker Ban Himachal: दिवाली के साथ गुरुपर्व, क्रिसमस और नववर्ष पर भी कैमिकल पटाखे जलाने पर प्रतिबंध

शिमला: हिमाचल सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की अनुपालना करते हुए प्रदेश में फैस्टीवल सीजन के दौरान कैमिकल पटाखों के इस्तेमाल पर पूर्णतया पाबंदी लगा दी है। इस साल दिवाली के साथ-साथ गुरुपर्व, क्रिसमस और नववर्ष पर भी कैमिकल पटाखे जलाने पर रोक लगाई गई है। इन उत्सवों पर केवल ग्रीन पटाखों को जलाने की अनुमति रहेगी। उसके लिए भी समय निर्धारित किया गया है। तय समय के अलावा पहले व बाद में पटाखे जलाने वालों पर पर्यावरण (संरक्षण) कानून 1986 की धारा 15 के तहत कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।

तय समय पर केवल ग्रीन पटाखे जलाने की होगी अनुमति

राज्य के पर्यावरण, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा जारी आदेशानुसार सबसे पहले आ रहे दीपावली पर्व पर 4 अक्तूबर को रात 8 से 10 बजे तक पटाखे जलाए जा सकेंगे। 19 नवम्बर को गुरुपर्व पर सुबह 4 से शाम 5 बजे तक और रात 9 से 10 बजे तक ग्रीन क्रैकर्स जलाए जा सकेंगे। क्रिसमस पर 25 दिसम्बर को रात 11.55 से 26 दिसम्बर दोपहर 12.30 बजे तक और नववर्ष की पूर्व संध्या पर रात 11.55 से एक जनवरी 2022 को दोपहर 12.30 बजे तक पटाखे जलाए जा सकेंगे।

फैस्टीवल सीजन में खराब हो जाता है एयर क्वालिटी इंडैक्स

गौरतलब है कि फैस्टीवल सीजन के दौरान अमूमन देश के ज्यादातर शहरों का एयर क्वालिटी इंडैक्स खराब हो जाता है। इससे खासकर दमा के रोगियों को सांस तक लेना मुश्किल हो जाता है। इसी तरह पहले ही ऑक्सीजन की कमी झेल रहे कोरोना संक्रमितों को दूषित हवा के कारण ज्यादा कठिनाइयां पेश आती हैं। हिमाचल में भी हर साल दीवाली से पहले और दीवाली के बाद दो-तीन दिन तक हवा की गुणवत्ता बहुत खराब हो जाती है। इसे देखते हुए देश की शीर्ष अदालत ने बेरियम सॉल्ट वाले पटाखों के इस्तेमाल पर पूर्णतया पाबंदी लगा रखी है। बेरियम सॉल्ट वाले पटाखे हवा को बहुत अधिक दूषित कर देते हैं। इसलिए केवल ग्रीन पटाखों के लिए लोगों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। ग्रीन पटाखे पर्यावरण को नुक्सान नहीं करते हैं।

ई-कॉमर्स वैबसाइट नहीं बेच पाएंगी पटाखे

राज्य सरकार ने ई-कॉमर्स वैबसाइट फ्लिपकार्ट व अमेजन इत्यादि को निर्देश दिए हैं कि पटाखों से जुड़ा कोई ऑर्डर नहीं लिया जाए। प्रदेश में ई-कॉमर्स वैबसाइट को पटाखे बेचने की अनुमति नहीं होगी। राज्य सरकार ने अतिरिक्त मुख्य सचिव गृह, सचिव शिक्षा सचिव, पुलिस महानिदेशक, सभी जिलाधीशों, सभी पुलिस अधीक्षक, उच्च एवं प्रारंभिक शिक्षा निदेशक और निदेशक पर्यावरण विभाग को इन आदेशों की अनुपालना के लिए निर्देश दे दिए हैं।

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