हिमाचल में भाजपा की नीतियों से प्रताड़ित किसानों, मजदूर, महिलाओं आदि ने मनाया काला दिवस


आज संयुक्त किसान मोर्चा व अन्य मजदूर, किसान, खेत मजदूर, महिला, युवा, छात्रों व अन्य संगठनों के द्वारा देश भर में प्रतिरोध स्वरूप काला दिवस मनाया गया। आज मोदी सरकार द्वारा लागू किये गए काले कृषि कानूनों के विरुद्ध किसानों द्वारा चलाए जा रहे ऐतिहासिक आंदोलन को 6 माह पूर्ण हो गए हैं। आज ही मजदूर किसान एकता के तहत 26 नवम्बर, 2020 को मजदूरों के तमाम संगठनों के द्वारा हड़ताल का आह्वान किया गया था उसके भी 6 माह पूरे हुए हैं। इसके साथ ही मोदी के नेतृत्व में बीजेपी सरकार के आज सत्ता पर काबिज़ हुए 7 वर्ष पूरे हुए हैं।

जब से मोदी सरकार सत्तासीन हुई है तबसे देश मे मजदूर, किसान, युवा, छात्र, महिला दलित विरोधी नीतियां ही लागू की जा रही है। यह सरकार केवल कॉरपोरेट घरानों व पूंजीपतियों के फायदे के लिए के लिए नीतियां लागू कर रही है और देश के संसाधन व कृषि इनके हवाले करने के लिए कार्य कर रही है। इन नीतियों के चलते देश में व्यापक बेरोजगारी व महंगाई बढ़ी है व कृषि संकट और अधिक गहरा हुआ है। आज इन नीतियों के कारण आम जनता का जीवनयापन मुश्किल हो गया है।

देश में कोविड19 महामारी से निपटने में मोदी सरकार पूर्णतः विफल रही है जिसके फलस्वरूप करोड़ों लोग प्रभावित हुए हैं और स्वास्थ्य सेवाओं की चरमराती व्यवस्था के कारण देश में इससे 3 लाख से अधिक लोगों को जान चली गई है।

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