पांच दिन बाद खुला किन्नौर हाईवे, दो दिन भारी बारिश की चेतावनी

शिमला. हिमाचल प्रदेश में लैंडस्लाइड से देश और दुनिया से कटा किन्नौर जिला एक बार फिर से सूबे से जुड़ गया. चौरा गेट पर हुए बड़े लैंडस्लाइड (landslides) से पांच दिन से बंद चल रहा यह हाईवे शनिवार को बहाल कर दिया गया है.

देर रात शुक्रवार को यहां पर हाईवे ना खुलने से लोगों का गुस्सा फूट पड़ा था और यहां पर लोगों ने नारेबाजी की है. किन्नौर पुलिस (Kinnaur Police) ने हाईवे बहाल करने की पुष्टि की है. वहीं, लेह-मनाली हाईवे (Leh-Manali Highway) भी शुक्रवार को 50 घंटे बाद बहाल हो गया. इस दौरान लेह से आ रहे वाहनों चालकों ने राहत की सांस ली. राष्ट्रीय राजमार्ग को बहाल करने में कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। बड़ी-बड़ी चट्टानों को ब्लास्टिंग की मदद से तोड़ा गया.

शनिवार को प्रदेश में धूप खिली है और मौसम खुशगवार बना हुआ है.

हिमाचल प्रदेश में 19 से 21 सितंबर तक भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है. मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने मैदानी जिलों ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, कांगड़ा और मध्य पर्वतीय जिलों शिमला, सोलन, सिरमौर, मंडी, कुल्लू और चंबा के कई क्षेत्रों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है. 23 सितंबर तक प्रदेश में बारिश का दौर जारी रहने का पूर्वानुमान है.

मनाली-चंडीगढ़ हाईवे पर गिरे पत्थर

मनाली-चंडीगढ़ हाईवे पर संदली मोड़ पर ट्रक और जीप में पहाड़ी से पत्थर गिरे. हादसे में कोई हताहत नहीं हुआ. उसके बाद भारी भूस्खलन हुआ और यातायात सुबह दस से दोपहर डेढ़ बजे तक बाधित हो गया. वाहनों को वाया बजौरा भेजा गया. पठानकोट-जोगिंद्रनगर एनएच पर मोहनघाटी के पास गुजरती कार पर पेड़ गिर गया। कार में सवार सभी सुरक्षित हैं. यहां एनएच करीब एक घंटे बाधित रहा. शुक्रवार को शिमला सहित प्रदेश के कई जिलों में दिन भर बादल छाए रहे. शिमला के घंडल के पास हाईवे अब भी बहाल नहीं हो पाया है. यहां चार दिन पहले लैंडस्लाइड हुई थी.

लेह-मनाली हाईवे भी शुक्रवार को 50 घंटे बाद बहाल हो गया. इस दौरान लेह से आ रहे वाहनों चालकों ने राहत की सांस ली.

तापमान में गिरावट, मौसम हुआ सुहावना

गुरुवार रात से लेकर शुक्रवार सुबह तक बारिश के चलते सूबे में अधिकतम तापमान में तीन से चार डिग्री सेल्सियस गिरा है. शुक्रवार को ऊना में अधिकतम तापमान 30.8, सुंदरनगर 30.7, भुंतर 30.6, सोलन 30.2, बिलासपुर 30.0, कांगड़ा 29.4, चंबा 28.8, धर्मशाला 27.8, केलांग 23.6, शिमला 22.9, कल्पा 22.5 और डलहौजी में 19.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ. गुरुवार रात को जोगिंद्रनगर में 90, धर्मशाला 60, अंब 56, कसौली 53, गोहर 36, ऊना 34, धर्मपुर-नयनादेवी 27, झंडूता 25, मंडी 23, कंडाघाट 22, गगल-सुंदरनगर 16, रेणुका 15, घुमारवीं 14, हमीरपुर-बरठीं में 13 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड हुई.

कुल्लू में सबसे अधिक, लाहौल में सबसे कम बरसे बादल

हिमाचल प्रदेश में मानसून सीजन के दौरान अभी तक सामान्य से 14 फीसदी कम बारिश रिकॉर्ड हुई है. कुल्लू, मंडी और शिमला जिलों को छोड़कर शेष नौ जिलों में सामान्य से कम बादल बरसे हैं. 13 जून से 17 सितंबर तक कुल्लू में सबसे अधिक सामान्य से 39 फीसदी, मंडी में 7 और शिमला में एक फीसदी अधिक बारिश हुई है. लाहौल-स्पीति जिले में सबसे कम 68, बिलासपुर जिले में 14, चंबा में 43, हमीरपुर में 6, कांगड़ा में 9, किन्नौर में 6, सिरमौर में 24, सोलन में 19 और ऊना जिला में सामान्य से 15 फीसदी कम बारिश रिकॉर्ड हुई. सूबे में इस अवधि के दौरान कुल 621 मिलीमीटर बारिश हुई, जबकि 724 मिलीमीटर बारिश को सामान्य माना गया है.

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