Shimla: 15 दिन की कड़ी मेहनत के बाद पकड़ा गया बच्चों को निवाला बनाने वाला तेंदुआ

शिमला. हिमाचल प्रदेश के शिमला शहर के ओल्ड बस स्टैंड के नीचे डाउनटेल इलाके में खौफ बने तेंदुए (Leopard in Shimla) को वन विभाग ने पकड़ लिया है. गुरुवार रात को साढ़े आठ बजे वन्यजीव विभाग के बिछाए जाल में तेंदुआ फँस गया और पिंजरे में कैद गया.

शिमला के कनलोग क्षेत्र में तेंदुआ पकड़ में आया है. हिमाचल के वाइल्ड लाइफ विंग के अतिरिक्त मुख्य अरण्यपाल अनिल ठाकुर ने तेंदुए को पकड़ने की पुष्टि की है. हालांकि. इस बात की तस्दीक अभी नहीं हो पाई है कि यही तेंदुआ बच्चे को उठा कर ले गया था.

जानकारी के मुताबिक, विभाग की ओर से डाउनटेल और कनलोग में सात पिंजरे लगाए गए थे. गुरुवार को डाउनटेल में लोगों ने तेंदुए के खौफ के चलते घरों के आसपास की सारी झाड़ियां साफ कर दी थी. करीब 15 दिन बाद तेंदुआ गिरफ्त में आया है. लोगों ने गुरुवार रात को तेंदुए की गुर्राने की आवाज सुनी तो वन विभाग की सूचना दी कि पिंजरे में कोई जानवर फंसा है. बाद में मौके पर पहुंची टीम ने जांच की तो देखा कि तेंदुआ पिंजरे में फंसा है. बाद में इसे बहोश किया गया. तेंदुए को पिंजरे में पकड़ कर टूटीकंडी स्थित चिड़ियाघर में ले जाया गया है.

तेंदुए को पिंजरे में पकड़ कर टूटीकंडी स्थित चिड़ियाघर में ले जाया गया है.

तीन महीने में दो बच्चों को बनाया था निवाला

शिमला शहर में बीते तीन महीने में तेंदुआ दो बच्चों को अपना शिकार बना चुका है. कनलोग और डाउनटेल से ये बच्चे तेंदुए ने उठाए थे. दिवाली की रात शिमला के डाउनटेल क्षेत्र से 5 साल के मासूम योगरात तेंदुए ने अपना निवाला बनाया था. इसके बाद शिमला में तेंदुए का खौफ बढ़ गया था. दो दिन पहले ही संजौली की डिंघू धार में तेंदुए ने कुत्ते को अपना शिकार बनाया था.

देहरादून से भी आई थी टीम

खौफ का आलम इतना ज्यादा हो गया था कि देहरादून से भी एक टीम तेंदुए को पकड़ने के लिए बुलाई गई थी. विभाग की ओर से तेंदुए को पकड़ने के लिए 7 पिंजरे और 15 ट्रैप कैमरे लगाए गए थे. इन कैमरों में एक नहीं, बल्कि 5 तेंदुए कैद हुए थे. इनमें तीन शावक भी थे. यहां तक कि शिमला में तेंदुए से जुड़े पुराने वीडियो भी वायरल हो गए थे.

लोगों ने धरना दिया

लोगों ने तेंदुए के खौफ के चलते वन विभाग के दफ्तर पर भी धरना दिया था. वहीं, वन विभाग की ओर से तेंदुए का शिकार बने मासूम योगराज के परिवार को चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता भी दी गई है. हालांकि, एक तेंदुए पकड़ा गया है लेकिन अब भी शहर में कई इलाकों में और तेंदुए घूम रहे हैं.

Please Share this news:
error: Content is protected !!