मुख्य सचिव को शिकायत भेजने पर भी नही हुई कार्यवाही, HRTC में ट्रांसफर पॉलिसी भी किसी किसी पर ही लागू : अनिल कश्यप

पिछले माह एचआरटीसी बिलासपुर में परिचालक इस्तीफा मामला सामने आया था। 17 सितम्बर से अभी तक कोई कार्यवाही इस मामले में नहीं हुई है । परिचालक ने सहायक अड्डा प्रभारी पर प्रताड़ना का आरोप लगाया था। इस विषय में 1 अक्टूबर को शिकायत पत्र मुख्य सचिव हिमाचल प्रदेश को ईमेल के माध्यम से भेजा गया था । उसके बाद 4 तारीख को शिकायत पत्र को मुख्य सचिव के द्वारा MD HRTC व Transport Secratary को भेजा गया है । परंतु अभी तक कोई एक्शन नहीं लिया गया है ।

इस विषय में राइट यूनिट अध्यक्ष अनिल कश्यप का कहना है कि परिचालक इस्तीफा मामले में लगभग एक महीना होने को आ गया परंतु कोई कार्यवाही इस विषय में एचआरटीसी प्रबंधन ने नहीं की है। हैरानी तो इस बात की है कि मुख्य सचिव हिमाचल प्रदेश को शिकायत भेजने के बाद भी कोई कार्यवाही नहीं हुई है। ऐसी कौन सी बड़ी शक्ति है जो इस मामले को दबाने की कोशिश कर रही है ।

25 साल से एचआरटीसी हेड ऑफिस में एक व्यक्ति एक ही स्थान पर ज्वाइन हुआ और प्रमोशन भी परंतु ट्रांसफर पॉलिसी लागू नहीं हुई।

अनिल कश्यप राइट यूनिट अध्यक्ष बिलासपुर का कहना है की इस मामले की जानकारी हमें मिली है जिसमें एक व्यक्ति शिमला हेड ऑफिस में ज्वाइन भी वही और प्रमोशन भी वही परंतु ट्रांसफर पॉलिसी लागू नहीं हुई ।

परिवहन मंत्री ने कहा था की ट्रांसफर एक रूटीन प्रक्रिया है जिसमें 3 साल के बाद कहीं भी ट्रांसफर हो सकती है परंतु क्या इन पर कोई ट्रांसफर पॉलिसी लागू नहीं होगी इस विषय में परिवहन सचिव से दूरभाष के माध्यम से जानने की कोशिश की गई परंतु परिवहन सचिव ने फोन को रिसीव नहीं किया। इस मामले में हायर अथॉरिटीज से जानने की कोशिश की जा रही है कि क्यों ट्रांसफर पॉलिसी लागू नहीं हुई।

अनिल कश्यप का कहना है कि परिचालक इस्तीफा मामले में अगर 10 दिन के भीतर कोई एक्शन नहीं लिया गया तो क्षेत्रीय प्रबंधक कार्यालय के बाहर राइट फाउंडेशन धरना देगी। जिसकी पूर्णतया जिम्मेदारी क्षेत्रीय प्रबंधक बिलासपुर की होगी।पिछले माह एचआरटीसी बिलासपुर में परिचालक इस्तीफा मामला सामने आया था। 17 सितम्बर से अभी तक कोई कार्यवाही इस मामले में नहीं हुई है । परिचालक ने सहायक अड्डा प्रभारी पर प्रताड़ना का आरोप लगाया था। इस विषय में 1 अक्टूबर को शिकायत पत्र मुख्य सचिव हिमाचल प्रदेश को ईमेल के माध्यम से भेजा गया था । उसके बाद 4 तारीख को शिकायत पत्र को मुख्य सचिव के द्वारा MD HRTC व Transport Secratary को भेजा गया है । परंतु अभी तक कोई एक्शन नहीं लिया गया है ।

इस विषय में राइट यूनिट अध्यक्ष अनिल कश्यप का कहना है कि परिचालक इस्तीफा मामले में लगभग एक महीना होने को आ गया परंतु कोई कार्यवाही इस विषय में एचआरटीसी प्रबंधन ने नहीं की है। हैरानी तो इस बात की है कि मुख्य सचिव हिमाचल प्रदेश को शिकायत भेजने के बाद भी कोई कार्यवाही नहीं हुई है। ऐसी कौन सी बड़ी शक्ति है जो इस मामले को दबाने की कोशिश कर रही है ।

25 साल से एचआरटीसी हेड ऑफिस में एक व्यक्ति एक ही स्थान पर ज्वाइन हुआ और प्रमोशन भी परंतु ट्रांसफर पॉलिसी लागू नहीं हुई।

अनिल कश्यप राइट यूनिट अध्यक्ष बिलासपुर का कहना है की इस मामले की जानकारी हमें मिली है जिसमें एक व्यक्ति शिमला हेड ऑफिस में ज्वाइन भी वही और प्रमोशन भी वही परंतु ट्रांसफर पॉलिसी लागू नहीं हुई ।

परिवहन मंत्री ने कहा था की ट्रांसफर एक रूटीन प्रक्रिया है जिसमें 3 साल के बाद कहीं भी ट्रांसफर हो सकती है परंतु क्या इन पर कोई ट्रांसफर पॉलिसी लागू नहीं होगी इस विषय में परिवहन सचिव से दूरभाष के माध्यम से जानने की कोशिश की गई परंतु परिवहन सचिव ने फोन को रिसीव नहीं किया। इस मामले में हायर अथॉरिटीज से जानने की कोशिश की जा रही है कि क्यों ट्रांसफर पॉलिसी लागू नहीं हुई।

अनिल कश्यप का कहना है कि परिचालक इस्तीफा मामले में अगर 10 दिन के भीतर कोई एक्शन नहीं लिया गया तो क्षेत्रीय प्रबंधक कार्यालय के बाहर राइट फाउंडेशन धरना देगी। जिसकी पूर्णतया जिम्मेदारी क्षेत्रीय प्रबंधक बिलासपुर की होगी।

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