कांगड़ा में इस महीने में होगी 3000 शादियां, प्रशासन के लिए बना सिरदर्द

कोरोना काल में सरकार की बंदिशे और गाइडलाइन शादियों के लिए सजे मंडपों में कितनी मानी जाती है, कितनी नहीं .यही प्रशासन के लिए बड़ी सिरदर्दी है। 24 अप्रैल से 24 मई के बीच एक माह तक होने वाली शादियों का आंकड़ा तीन हजार से ज्यादा है। ये आंकड़ा अकेले जिला कांगड़ा का है, जिसके लिए प्रशासन से मंजूरी ली गई है।

ये तो वह आंकड़ा है जो प्रशासन के पास मंजूरी लेने के लिए आ गए है,जो नहीं आए होंगे वह अलग से। ऐसे में कोरोना चेन तोड़ने के क्रम में प्रशासन चाहे वीकेंड पर कई पाबंदियां लगाए बैठा हो, लेकिन शादियों के दौरान जुटने वाला जमघट कैसे इस चेन को टूटने देगा। यही सवाल प्रशासन शायद खुद से भी कर रहा होगा, क्योंकि अनुमति भी तो इसके लिए वहां से दी गई है।

हालांकि, प्रशासन ने शादी-समारोह के लिए पचास ही लोगों के आने की अनुमति दी हुई है, लेकिन इस गिनती को कौन पूरा करता रहेगा। प्रशासन ने इसके लिए पंचायत प्रतिनिधियों को चेक करने के लिए निर्देश जारी कर रखे हैं। लेकिन कांगड़ा जिला में एक माह के लिए अभी तक शादियों व दूसरे समारोह के लिए जो अनुमति दी गई है, वह अब प्रशासन को भी कहीं ना कहीं लगता है कि एक बड़ी सिरदर्दी है। कांगड़ा जिला के 15 उप मंडलों की बात करें तो धर्मशाला में 314,ज्वाली में 225,बैजनाथ में 165,पालमपुर में 476,देहरा में 359,फतेहपुर में 155, इंदौरा में 186, जयसिंहपुर में 167, ज्वालामुखी में 76, कांगड़ा में 284, नगरोटा बगवां में 203, नूरपुर में 276,शाहपुर में 197 व धीरा में 9 लोगों ने शादी व दूसरे आयोजनों के लिए प्रशासन से मंजूरी ले रखी है। ऐसे में अंदाजा लगाएं कि इनमें नियमों का पालन कैसे होगा।

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