Hospital Conditions: 150 की ओपीडी और एक साल से नहीं है महिला चकित्सक और लैब टेक्नीशियन

पंचरुखी। तीन विधानसभा क्षेत्र जयसिंहपुर, बैजनाथ व पालमपुर के दर्जनों गांव को स्वास्थ्य सुविधाएं देने वाला प्राथमिक अस्पताल पंचरुखी बदहाल है। तीनों विधानसभा क्षेत्रों की विभिन्न पंचायतों में से लदोह, अगोजर, ब्याड़ा, सलियाणा, गदियाडा, लमलेहड, टटैहल, टक्कर मौलीचक्क, भवारना, बंडू व दियोग्रा के हजारों लोगों को अपने स्वास्थ्य की जांच करवाने के लिए पंचरुखी ही केंद्र बिंदू है।

इस अस्पताल में रोजाना कम से कम 150 के करीब ओपीडी होती है। लेकिन स्थिति यह है कि उक्त अस्पताल समय के ऐसे चक्र काल में ऐसे फंसा है कि स्वंय बीमार लग रहा है। अस्पताल में करीब एक साल पहले मरीजों को 24 घंटे स्वास्थ्य सुविधा मिलती थी, लेकिन आज आज आलम यह हो गया है कि अस्पताल पंचरुखी में महिला डाक्टर की तैनाती नहीं है। एक साल बीत गया है जिससे महिला मरीजों को परेशानी हो रही है तो बही लैब टेक्नीशियन का पद पिछले चार सालों से रिक्त पड़ा है। मरीजों को अपने टेस्ट भी अब निजी लैबों में करवाने पड़ रहे हैं। वह भी अतिरिक्त पैसे देकर। हालांकि अस्पताल परिसर के अंदर साफ साफ शब्दों में टेस्ट की पट्टिका टांग रखी है, परंतु मरीजो को इसका लाभ नहीं है।

पिछले चार साल से जनता परेशान इतना ही नहीं अस्पताल मे नियमित सफाई कर्मचारी तक नही है। जिससे अंदाजा इस बात से ही लगाया जा सकता है की अस्पताल पंचरूखी मे मरीजो को कितनी बेहतर सुविधाएं सरकार दे पा रही है। महज कागजों मे ही सरकार के स्वास्थ्य मे नंबर एक होने के दावे किऐ जाते है, धरातल में तो मरीजों को परेशनियां ही झेलनी पड़ती रही है, जबकि सरकार की ओर से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पंचरुखी को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बनाने की सपने दिखाए जा रहे हैं। उधर पंचरूखी पीएचसी के डाक्टर संजय शर्मा ने बताया की अस्पताल में कई पद अभी रिक्त चल रहे हैं। इसको लेकर उच्चाधिकारियों को अवगत करवाया दिया है।

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