Himachal News: हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां पावंटा साहिब में सड़क किनारे बैठे एक मासूम बच्चे की दर्दनाक मौत के बाद कोहराम मच गया। इस घटना से गुस्साए लोगों ने नेशनल हाईवे-707 पर जोरदार हंगामा किया। स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई कि करीब सात घंटे तक हाईवे पर चक्का जाम रहा। प्रशासन और पुलिस की देरी ने लोगों के गुस्से को और भड़का दिया। देर रात लिखित आश्वासन मिलने के बाद ही ग्रामीणों ने जाम खोला।
मशीन ने ली उप-प्रधान के बेटे की जान
यह पूरा मामला कमरऊ क्षेत्र का है। यहां नेशनल हाईवे के निर्माण का कार्य चल रहा है। हादसे में जान गंवाने वाले बच्चे की पहचान पार्थ शर्मा (12) के रूप में हुई है। पार्थ कमरऊ पंचायत के उप-प्रधान सुरेश शर्मा का इकलौता बेटा था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सड़क काफी संकरी थी। वहां काम कर रही एक हाईड्रा मशीन के चालक ने एक बाइक सवार को पास देने की कोशिश की। इसी दौरान सड़क किनारे स्कूटी पर बैठा पार्थ मशीन की चपेट में आ गया।
अस्पताल पहुंचने से पहले ही उखड़ गई सांसें
हादसे के तुरंत बाद घायल पार्थ को आनन-फानन में सिविल अस्पताल ले जाया गया। वहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। अपने इकलौते बेटे की मौत की खबर सुनते ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। गांव खजियार के रहने वाले पार्थ की मौत से पूरे इलाके में मातम पसर गया है।
प्रशासन की लेत-लतीफी पर फूटा गुस्सा
घटना के बाद पुलिस और प्रशासन के अधिकारी करीब दो घंटे की देरी से मौके पर पहुंचे। इससे वहां मौजूद भीड़ का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। आक्रोशित ग्रामीणों ने हाईवे पर जाम लगा दिया और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। जाम के कारण सड़क के दोनों ओर गाड़ियों की लंबी कतारें लग गईं। लोगों ने एनएचएआई (NHAI) और ठेकेदार के खिलाफ भी जमकर भड़ास निकाली।
अधिकारियों के समझाने पर माने लोग
हालात बिगड़ते देख एसडीएम कफोटा, डीएसपी पांवटा और एसएचओ पुरुवाला मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने भीड़ को समझाने की काफी कोशिश की। ग्रामीणों का आरोप है कि हाईवे निर्माण के कारण आम जनता की जान खतरे में है। करीब सात घंटे की मशक्कत और लिखित आश्वासन के बाद देर रात हाईवे को बहाल किया जा सका।
