Himachal News: हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला में मानवता को शर्मसार करने वाली घटना हुई है। यहाँ एक कॉलेज छात्रा की मौत के बाद इमाचल में हड़कंप मच गया है। मृतका ने दम तोड़ने से पहले एक वीडियो बनाया था, जो अब वायरल हो रहा है। इसमें उसने अपने प्रोफेसर पर ‘बैड टच’ और साथी छात्राओं पर मारपीट के गंभीर आरोप लगाए हैं। पुलिस ने यौन शोषण और रैगिंग की धाराओं में केस दर्ज कर लिया है। पिता की शिकायत और वायरल वीडियो ने पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
मौत से पहले रिकॉर्ड किया वीडियो बयान
इस हाई प्रोफाइल मामले में छात्रा का मोबाइल वीडियो सबसे बड़ा सबूत बन गया है। परिजनों का दावा है कि बेटी ने आखिरी सांस लेने से पहले अपनी आपबीती रिकॉर्ड की थी। वीडियो में उसने प्रोफेसर अशोक कुमार पर क्लास और कैंपस में गंदी हरकतें करने का आरोप लगाया है। छात्रा ने वीडियो में साफ कहा कि प्रोफेसर उसका मानसिक शोषण करता था और ‘बैड टच’ करता था। विरोध करने पर उसे धमकाया जाता था। यह खुलासा होते ही मामला सुर्खियों में छा गया है।
लुधियाना के अस्पताल में तोड़ा दम
पिता ने बताया कि उनकी बेटी डिग्री कॉलेज में सेकंड ईयर की छात्रा थी। आरोप है कि 18 सितंबर को कॉलेज की तीन छात्राओं- हर्षिता, आकृति और कोमोलिका ने उसे बुरी तरह पीटा था। इसके बाद प्रोफेसर की प्रताड़ना से वह गहरे सदमे में चली गई। हालत बिगड़ने पर उसे लुधियाना के डीएमसी अस्पताल में भर्ती कराया गया। तमाम कोशिशों के बाद भी 26 दिसंबर को उसकी मौत हो गई। पिता ने बताया कि बेटी इतनी डरी हुई थी कि परिवार समय पर शिकायत दर्ज नहीं करवा पाया।
शिमला के रिज मैदान पर भारी आक्रोश
इस घटना के विरोध में आज शिमला में जोरदार प्रदर्शन हुआ। रवि कुमार दलित और उनके साथियों ने ऐतिहासिक रिज मैदान पर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि हिमाचल पुलिस पूरी तरह बेलगाम हो चुकी है। प्रदर्शनकारियों ने कुल्लू के सैंज गैंगरेप कांड का भी जिक्र किया, जहां पुलिस ने बिना जांच के पति को जेल में डाल दिया था। उनका कहना है कि दलितों पर अत्याचार के मामलों में पुलिस गंभीर नहीं है।
न्यायिक जांच की मांग, सीएम आवास घेरने की चेतावनी
प्रदर्शनकारियों ने राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन पर तीखे हमले किए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री एक सभ्य समाज की बात करते हैं, लेकिन पुलिस उनकी भी नहीं सुनती। रवि कुमार ने चेतावनी दी है कि अगर इस मामले की न्यायिक जांच नहीं हुई तो वे मुख्यमंत्री आवास के बाहर धरना देंगे। उनका कहना है कि यह हत्या एक सोची-समझी साजिश है और पुलिस आरोपियों को बचाने की कोशिश कर रही है। यह मामला अब यह चर्चा का विषय बना हुआ है।
