Himachal News: चंबा की एक नाबालिग लड़की के साथ चंडीगढ़ में हुए रेप मामले ने राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। इस गंभीर प्रकरण में नाचन के विधायक विनोद कुमार का नाम सामने आया है। पीड़िता ने पुलिस को दिए बयान में खुलासा किया है कि घटनास्थल वाला होटल का कमरा विधायक के नाम पर बुक था। इस आधार पर महिला पुलिस थाना चंबा ने विधायक को तलब किया और उनसे करीब छह घंटे तक कड़ी पूछताछ की। इस मामले में सवाल उठाने वाले समाजसेवियों को अब मानहानि के केस की धमकियां दी जा रही हैं।
विधायक विनोद कुमार से पुलिस की पूछताछ
पीड़िता के बयान के बाद पुलिस की जांच की सुई नाचन विधायक की ओर घूमी है। पुलिस यह जानना चाहती है कि आखिर विधायक के नाम पर बुक कमरे में यह जघन्य अपराध कैसे हुआ। पुलिस ने विनोद कुमार को बुलाकर लंबी पूछताछ की है। इस घटना के मीडिया में आने के बाद से ही विधायक ने चुप्पी साध रखी है। जनता द्वारा पूछे जा रहे सवालों का कोई जवाब नहीं दिया जा रहा है।
सवाल पूछने पर मानहानि की धमकी
नाचन क्षेत्र के कई समाजसेवियों ने इस मुद्दे पर विधायक की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। जवाब देने के बजाय भाजपा के स्थानीय पदाधिकारी अब लोगों को डराने में लगे हैं। सोशल मीडिया पर खुलेआम लिखा जा रहा है कि अगर आरोप साबित नहीं हुए तो सवाल पूछने वालों पर मानहानि का दावा किया जाएगा। यह स्थिति लोकतंत्र में अभिव्यक्ति की आजादी पर बड़ा सवाल खड़ा करती है। जनता यह पूछ रही है कि क्या एक जनप्रतिनिधि से सवाल करना अब अपराध हो गया है?
धमकियों के स्क्रीनशॉट देखें:




राइट फाउंडेशन ने दागे तीन तीखे सवाल
नाचन विधानसभा क्षेत्र के निवासी और राइट फाउंडेशन के अध्यक्ष सुरेश कुमार ने विधायक विनोद कुमार से तीन प्रमुख सवाल पूछे हैं:
- रेप की रात नाचन के विधायक चंडीगढ़ में क्या कर रहे थे?
- करोड़ों की संपत्ति के मालिक आरोपी विधायक हंसराज के लिए नाचन के विधायक ने कमरा क्यों बुक करवाया?
- क्या नाचन के विधायक भी नाबालिग के खिलाफ रची गई इस साजिश का हिस्सा थे?
विधानसभा क्षेत्र की छवि को नुकसान
इस पूरे घटनाक्रम से नाचन विधानसभा क्षेत्र के लोगों में भारी रोष है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे मीम्स और “कमरा बुकिंग” से जुड़े तंज ने स्थानीय लोगों को शर्मिंदा कर दिया है। चुराह विधानसभा के मामले में नाचन का नाम घिसटने से लोग अपमानित महसूस कर रहे हैं। फाउंडेशन ने मांग की है कि विधायक या तो इन सवालों के सार्वजनिक जवाब दें या फिर नैतिकता के आधार पर अपने पद से इस्तीफा दें।

