Himachal News: हिमाचल प्रदेश में पंचायत चुनाव से पहले एक बड़ा प्रशासनिक फेरबदल होने जा रहा है। राज्य की 31 पंचायतों की सीमाओं में बदलाव की तैयारी शुरू हो गई है। सरकार इन पंचायतों के पुनर्गठन और पुनर्सीमांकन पर विचार कर रही है। जिन पंचायतों की आबादी 3,000 के आसपास पहुंच गई है, उन्हें छोटा किया जाएगा। सरकार ने एक पंचायत में 1500 से 2000 की जनसंख्या रखने का मानक तय किया है। इसका मतलब है कि प्रदेश में जल्द ही कुछ नई पंचायतें अस्तित्व में आ सकती हैं।
19 जनवरी को कैबिनेट में आएगा प्रस्ताव
राज्य सरकार इस मुद्दे को लेकर बेहद गंभीर है। 19 जनवरी को होने वाली मंत्रिमंडल की बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी के लिए लाया जाएगा। सूत्रों के मुताबिक, सरकार सभी पंचायतों के ढांचे में बदलाव नहीं करेगी। यह बदलाव केवल उन 31 पंचायतों तक सीमित रहेगा, जहां जनसंख्या का दबाव अधिक है। इन पंचायतों की लिस्ट तैयार कर ली गई है। सरकार का मकसद प्रशासन को लोगों के घर-द्वार तक पहुंचाना है, जो छोटी पंचायतों में ज्यादा आसान होता है।
हाईकोर्ट का चुनाव कराने का अल्टीमेटम
प्रशासनिक मशीनरी इस काम को जल्द निपटाने में जुट गई है। हिमाचल हाईकोर्ट ने सरकार को 30 अप्रैल से पहले पंचायत चुनाव कराने के सख्त निर्देश दिए हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने सभी जिला उपायुक्तों (DC) को पुनर्सीमांकन का काम तेजी से निपटाने को कहा है। समय कम है, इसलिए विभाग युद्धस्तर पर काम कर रहा है।
आरक्षण रोस्टर में गड़बड़ी की जांच
सीमाओं के अलावा आरक्षण रोस्टर भी सरकार के रडार पर है। सरकार को शिकायतें मिली हैं कि कुछ पंचायतें पिछले 20 साल से लगातार सिर्फ महिलाओं के लिए आरक्षित हो रही हैं। इससे अन्य वर्गों को मौका नहीं मिल पा रहा है। सरकार ने पंचायतीराज विभाग को ऐसी पंचायतों की वास्तविक स्थिति का पता लगाने का आदेश दिया है। अब सभी की नजरें 20 जनवरी को राज्य चुनाव आयोग और सरकार के बीच होने वाली महत्वपूर्ण बैठक पर टिकी हैं।
