Himachal News: धर्मशाला कॉलेज में छात्रा की मौत से जुड़े समाचार ने पूरे प्रदेश को हिला दिया है। इस मामले की जांच के लिए यूजीसी की टीम दूसरे दिन भी कॉलेज में डटी रही। पांच सदस्यों की इस टीम ने बुधवार को गहन पड़ताल की। टीम ने कॉलेज के शिक्षकों से लंबी पूछताछ की। इसके अलावा विद्यार्थियों के बयान भी दर्ज किए गए। रैगिंग कमेटी और ओल्ड स्टूडेंट्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों से भी सवाल पूछे गए। यह समाचार सामने आते ही कॉलेज परिसर में हड़कंप मच गया है।
मृतका के घर पहुंची जांच टीम
यूजीसी की टीम केवल कॉलेज तक ही सीमित नहीं रही। टीम के सदस्य मृतका के घर भी पहुंचे। वहां उन्होंने शोकाकुल परिवार से मुलाकात की। अधिकारियों ने परिवार से बातचीत करके सच्चाई जानने की कोशिश की। टीम हर पहलू को बारीकी से देख रही है। इस दुखद समाचार के बाद से परिजन गहरे सदमे में हैं और न्याय की आस लगाए बैठे हैं। परिवार का पक्ष जांच रिपोर्ट में बहुत मायने रखेगा।
मेडिकल बोर्ड देखेगा इलाज का रिकॉर्ड
पुलिस ने भी इस मामले में अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। जांच अधिकारी ने छात्रा के इलाज से जुड़ा रिकॉर्ड इकट्ठा कर लिया है। अब यह पूरा रिकॉर्ड मेडिकल बोर्ड के सामने रखा जाएगा। दूसरी ओर, शिक्षा उच्च निदेशालय की कमेटी भी अपनी जांच पूरी कर चुकी है। यह कमेटी जल्द ही अपनी रिपोर्ट बड़े अधिकारियों को सौंपेगी। कॉलेज प्राचार्य प्रो. राकेश पठानिया ने बताया कि संस्थान में निष्पक्ष जांच चल रही है।
ये दिग्गज कर रहे हैं मामले की जांच
इस हाई-प्रोफाइल मामले की जांच कर रही टीम में कई बड़े नाम शामिल हैं। कमेटी के अध्यक्ष प्रो. राज कुमार मित्तल हैं, जो गुरुगोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ विवि में कार्यरत हैं। उनके साथ पूर्व यूजीसी सदस्य प्रो. सुषमा यादव भी हैं। गुजरात विवि की कुलपति डॉ. नीरजा गुप्ता और पांडिचेरी विवि के कुलपति प्रो. पी प्रकाश बाबू भी टीम का हिस्सा हैं। डॉ. सुनीता सिवाच समन्वय अधिकारी के रूप में धर्मशाला पहुंची हैं।
