Himachal News: हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले में हुए धमाके ने सबको चौंका दिया है। नालागढ़ में हुए इस विस्फोट की गंभीरता को देखते हुए राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) एक्टिव हो गई है। एनआईए की टीम ने घटनास्थल पर पहुंचकर बारीकी से जांच की। अधिकारियों ने स्थानीय पुलिस और प्रशासन से घटना की पूरी जानकारी ली है। प्रारंभिक जांच के बाद एनआईए की टीम वापस लौट गई है। एजेंसी का कहना है कि फोरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद ही असली सच सामने आएगा।
ब्लास्ट वाली जगह की बारीकी से जांच
एनआईए की टीम विशेष रूप से नालागढ़ पहुंची थी। वहां राज्य पुलिस और खुफिया एजेंसियां पहले से ही जांच में जुटी हैं। टीम ने घटनास्थल से जुटाए गए सबूतों का जायजा लिया। उन्होंने यह भी देखा कि स्थानीय स्तर पर अब तक क्या कार्रवाई हुई है। जांच एजेंसी हर पहलू को समझने की कोशिश कर रही है।
CCTV फुटेज और हर कड़ी की तलाश
जांच के दौरान एनआईए अधिकारियों ने एक अहम बैठक की। इसमें जिला पुलिस, खुफिया इकाइयों और प्रशासनिक अधिकारी शामिल थे। विस्फोट से जुड़ी हर कड़ी को जोड़ा जा रहा है। सीसीटीवी फुटेज की भी गहनता से जांच की गई। घटनास्थल के आसपास की गतिविधियों और तकनीकी सबूतों को भी परखा गया है।
क्या यह कोई आतंकी साजिश है?
सूत्रों के मुताबिक, एनआईए यह पता लगा रही है कि यह विस्फोट किस तरह का था। क्या इसके पीछे कोई संगठित साजिश है? अधिकारियों का मानना है कि इस मामले में फोरेंसिक जांच सबसे अहम है। लैब की रिपोर्ट से ही विस्फोटक के प्रकार और मात्रा का पता चलेगा।
फोरेंसिक रिपोर्ट पर टिकी सुई
इस्तेमाल की गई तकनीक का खुलासा फोरेंसिक साइंस लैब की रिपोर्ट के बाद ही होगा। इसी आधार पर तय किया जाएगा कि यह मामला आतंकी साजिश से जुड़ा है या नहीं। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं से जांच कर रही है। किसी भी एंगल को छोड़ा नहीं गया है। रिपोर्ट मिलने के बाद ही जांच की अगली दिशा तय होगी।
