Shimla News: हिमाचल प्रदेश के चलोटी इलाके में सैकड़ों परिवारों पर बड़ा संकट मंडरा रहा है। यहाँ एनएचएआई द्वारा बनाई जा रही टनल लोगों के लिए काल बन गई है। गदर फ्रंट के संयोजक रवि कुमार दलित ने प्रशासन को सख्त चेतावनी दी है। उनके अनुसार, निर्माण कार्य में भारी लापरवाही बरती जा रही है। इससे कई मकान गिरने की कगार पर पहुंच चुके हैं। प्रशासन ने सुध नहीं ली तो बड़ा आंदोलन होगा।
अवैज्ञानिक कटिंग से दरक रहे आशियाने
स्थानीय लोगों का कहना है कि टनल निर्माण में नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। ठेकेदार अवैज्ञानिक तरीके से पहाड़ों की खुदाई कर रहे हैं। हैवी ब्लास्टिंग के कारण जमीन में बड़ी-बड़ी दरारें पड़ गई हैं। इससे भूस्खलन का खतरा कई गुना बढ़ गया है। कई घरों की दीवारों में मोटे क्रैक्स आ चुके हैं। लोग डर के साये में जीने को मजबूर हैं। यह लापरवाही न केवल पर्यावरण को खत्म कर रही है, बल्कि लोगों की जमा-पूंजी भी बर्बाद कर रही है।
एनएचएआई की कार्यप्रणाली पर सवाल
प्रदेश में यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले शिमला के पास ट्विन ट्यूब टनल प्रोजेक्ट में भी ऐसे ही हालात बने थे। बिलासपुर जिले के गांवों में भी 20 से ज्यादा घरों में दरारें आ चुकी हैं। चलोटी में भी अब वही इतिहास दोहराया जा रहा है। लोगों ने कई बार एनएचएआई से शिकायत की है। इसके बावजूद अधिकारियों के कान पर जूं नहीं रेंग रही। निर्माण कंपनी सुरक्षा मानकों का खुला उल्लंघन कर रही है।
एफआईआर और मुआवजे की उठी मांग
रवि कुमार दलित ने सरकार के सामने सख्त मांगें रखी हैं। उन्होंने कहा कि टनल का काम तुरंत रोका जाना चाहिए। पूरे मामले की जांच के लिए एक स्वतंत्र कमेटी बनाई जाए। जिन परिवारों के घर टूटे हैं, उन्हें तुरंत मुआवजा और रहने की जगह मिले। साथ ही, ठेकेदारों और एनएचएआई के अफसरों पर एफआईआर दर्ज हो। शिमला बिल्डिंग कोलैप्स मामले की तर्ज पर कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। यदि जल्द न्याय नहीं मिला, तो स्थानीय निवासी उग्र प्रदर्शन करेंगे।

