Himachal News: हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला में डिग्री कॉलेज की छात्रा की मौत के मामले ने एक नया और सनसनीखेज मोड़ ले लिया है। रविवार को एक वायरल वीडियो ने Himachal News में हड़कंप मचा दिया है। इस वीडियो में एक आरोपी छात्रा ने बड़ा खुलासा करते हुए कहा है कि मृतक छात्रा के साथ रैगिंग हुई थी। इस नए दावे के बाद कॉलेज प्रशासन की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। पुलिस अब वायरल वीडियो के आधार पर जांच की दिशा बदलने की तैयारी कर रही है।
वायरल वीडियो में सीनियर और प्रोफेसर का नाम
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो में आरोपी छात्रा ने कई चौंकाने वाले दावे किए हैं। उसने कहा है कि कॉलेज की एक सीनियर छात्रा ने पीड़िता की रैगिंग की थी। वीडियो में एक प्रोफेसर का नाम भी लिया गया है। दावा है कि उन प्रोफेसर ने भी माना था कि छात्रा के साथ सीनियर ने रैगिंग की है। अगर आरोपी छात्रा की बात सच साबित होती है, तो कॉलेज की एंटी रैगिंग कमेटी कटघरे में खड़ी हो जाएगी। लोग सवाल पूछ रहे हैं कि कमेटी ने समय रहते कार्रवाई क्यों नहीं की?
मोबाइल फोन में छिपे हैं मौत के राज?
इस मामले में अब तकनीकी जांच की मांग तेज हो गई है। आरोपी छात्रा की ओर से मांग की गई है कि पीड़िता और उसकी ‘बेस्ट फ्रेंड’ के मोबाइल फोन की जांच की जाए। दावा किया जा रहा है कि इन फोनों में Himachal News से जुड़े इस केस के असली तथ्य छिपे हो सकते हैं। पुलिस की टीमें उन अस्पतालों से भी रिकॉर्ड जब्त कर रही हैं, जहां छात्रा का इलाज चला था। मेडिकल रिपोर्ट से मौत के सही कारणों का पता चल सकेगा।
साजिश की आशंका और राजनीतिक मांग
मनोविज्ञान की प्रोफेसर मोनिका मक्कड़ ने इस मामले में साजिश की आशंका जताई है। उन्होंने मीडिया से कहा कि यह मामला इतनी देरी से क्यों उजागर हुआ, इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। वहीं, आम आदमी पार्टी (AAP) के प्रवक्ता डॉ. राजेश चानना ने भी सरकार से उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि महिला और दलित उत्पीड़न के मामले चिंताजनक हैं। उधर, एएसपी कांगड़ा बीर बहादुर ने पुष्टि की है कि वीडियो में कही गई बातों और सभी पहलुओं की गहनता से जांच की जा रही है।
