Shimla News: हिमाचल प्रदेश में आर्थिक तंगी की चर्चाओं के बीच सरकार ने अफसरों पर खास मेहरबानी दिखाई है। प्रदेश सरकार ने अपने आईएएस अधिकारियों और मुख्यमंत्री के सलाहकारों के लिए पांच नई लग्जरी गाड़ियां खरीदी हैं। सचिवालय सामान्य प्रशासन विभाग ने टोयोटा कंपनी की ‘इनोवा हाई क्रॉस’ (Innova Hycross) गाड़ियां मंगवाई हैं। बाजार में इस गाड़ी के टॉप मॉडल की कीमत करीब 32 लाख रुपये है। अब ये चमचमाती गाड़ियां तीन आला अफसरों और मुख्यमंत्री के दो सलाहकारों के हवाले कर दी गई हैं।
बड़े अफसरों ने ठुकराई, सचिव की लग गई लॉटरी
इन पांच नई गाड़ियों के आवंटन की कहानी भी काफी दिलचस्प रही। एक गाड़ी प्रधान सचिव स्तर के अधिकारी को दी गई है, जबकि एक गाड़ी मुख्य सचिव (CS) के पूल में रखी गई है। शुरुआत में प्रशासन ने दो वरिष्ठ अतिरिक्त मुख्य सचिव (ACS) रैंक के अधिकारियों को गाड़ी देने की पेशकश की थी। हालांकि, इन दोनों अधिकारियों ने नई गाड़ी लेने से साफ इनकार कर दिया। उनका कहना था कि उनके पास मौजूद पुरानी गाड़ियां अभी सही कंडीशन में हैं। बड़े अफसरों के मना करने के बाद एक सचिव स्तर के अधिकारी की लॉटरी लग गई। उन्होंने गाड़ी मांगी और सरकार ने उन्हें सौंप दी।
अब वीआईपी नंबर की होड़
गाड़ियां मिलते ही अफसरों और सलाहकारों के बीच वीआईपी (VIP) नंबर लेने की होड़ शुरू हो गई है। सामान्य प्रशासन की ओर से जारी एक गाड़ी में वीआईपी नंबर लग भी चुका है। बाकी चार गाड़ियों के लिए नंबर लेने की प्रक्रिया चल रही है। उधर, सचिवालय के गलियारों में इस खरीद को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है। सवाल उठ रहे हैं कि एक तरफ सरकार वित्तीय संसाधन जुटाने की बात करती है, वहीं दूसरी तरफ महंगी गाड़ियों पर लाखों रुपये खर्च किए जा रहे हैं। खबर है कि दो और मंत्री भी अपने लिए नई गाड़ी की मांग कर रहे हैं।
मंत्रियों और नेता प्रतिपक्ष को भी मिली थी सौगात
अफसरों से पहले सरकार ने माननीयों को भी नई गाड़ियों का तोहफा दिया था। कुछ दिन पहले ही नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर और सुक्खू सरकार के तीन मंत्रियों को नई फॉर्च्यूनर (Fortuner) कारें दी गई थीं। नई गाड़ी पाने वाले मंत्रियों में चंद्र कुमार, धनीराम शांडिल और जगत सिंह नेगी शामिल हैं। उस समय भी यह मामला काफी सुर्खियों में रहा था। अब अफसरों के लिए 32 लाख की इनोवा की खरीद ने एक बार फिर नए विवाद को हवा दे दी है।
