मंगलवार, जनवरी 13, 2026
9.7 C
London

Himachal HC Decision: सरकारी नौकरी वालों के लिए खुशखबरी, हाईकोर्ट ने सुनाया ऐतिहासिक फैसला, अब नहीं रुकेगी भर्ती

Himachal News: हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने सरकारी नौकरी के इच्छुक उम्मीदवारों को बड़ी राहत दी है। अदालत ने साफ किया है कि आवेदन की अंतिम तारीख तक वैध ओबीसी प्रमाणपत्र न होने पर नौकरी से नहीं रोका जा सकता। जस्टिस संदीप शर्मा की अदालत ने यह महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। कोर्ट ने कहा कि जाति जन्म से तय होती है, न कि प्रमाणपत्र की तारीख से। सर्टिफिकेट सिर्फ इस बात का सबूत होता है। इसलिए तकनीकी आधार पर किसी को हक से वंचित नहीं किया जा सकता।

जन्म से मिलती है जाति, कागज तो सिर्फ सबूत

अदालत ने अपने फैसले में कहा कि आरक्षण का मकसद पिछड़े वर्गों को आगे बढ़ाना है। अगर किसी उम्मीदवार का सर्टिफिकेट देरी से बना है, तो यह उसकी गलती नहीं है। विभाग ने उम्मीदवार को परीक्षा में बैठने दिया था। उसे दस्तावेजों की जांच के लिए भी बुलाया गया। इसका मतलब है कि विभाग ने उसे ओबीसी माना था। ऐसे में अब उसे नौकरी देने से मना करना गलत है। यह फैसला हजारों युवाओं के लिए नजीर बनेगा।

यह भी पढ़ें:  हिमाचल प्रदेश: मनाली-लाहौल में हुई ताजा बर्फबारी, मंडी में बरसा पानी; मौसम विभाग ने जारी किया येलो अलर्ट

याचिकाकर्ता को मिलेगी 2023 से नौकरी

कोर्ट ने सरकार को आदेश दिया है कि याचिकाकर्ता को कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर (CHO) के पद पर नियुक्ति दें। उसे 2023 से ही वरिष्ठता और अन्य लाभ मिलेंगे। हालांकि, उसे पिछला वेतन नहीं दिया जाएगा। कोर्ट ने मानवीय नजरिया अपनाते हुए एक और बड़ी बात कही। याचिकाकर्ता को नौकरी देने के लिए किसी पुराने कर्मचारी को नहीं हटाया जाएगा। अटल मेडिकल यूनिवर्सिटी ने 2022 में इन पदों के लिए आवेदन मांगे थे।

एनएच निर्माण कंपनी की पेमेंट पर रोक

हाईकोर्ट ने एक अन्य मामले में एनएच निर्माण कंपनी पर भी सख्त कार्रवाई की है। अदालत ने हमीरपुर से मंडी नेशनल हाईवे (NH-03) का काम कर रही सूर्या कंपनी की पेमेंट रोक दी है। यह आदेश अगली सुनवाई तक लागू रहेगा। कोर्ट ने कंपनी और अधिकारियों के रवैये पर नाराजगी जताई है। कंपनी के प्रतिनिधि बार-बार बुलाने पर भी कोर्ट में पेश नहीं हो रहे थे।

यह भी पढ़ें:  हिमाचल प्रदेश बाढ़: केंद्र सरकार के 1500 करोड़ राहत पैकेज की घोषणा

खराब काम पर किसान सभा ने उठाई आवाज

हिमाचल किसान सभा ने इस हाईवे के निर्माण में घटिया काम और देरी को लेकर याचिका दायर की थी। आरोप है कि पांच साल से काम चल रहा है, लेकिन अभी तक पूरा नहीं हुआ। ठेका गावर कंपनी को मिला था, जिसने इसे सूर्या कंपनी को सौंप दिया। कोर्ट ने सरकार को जवाब दाखिल न करने वाले अफसरों पर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। मामले की अगली सुनवाई अब 30 मार्च को होगी।

Hot this week

बिहार डीएलएड 2026: छात्रों के लिए बड़ी खुशखबरी! आवेदन की तारीख बढ़ी, हाथ से न जाने दें ये आखिरी मौका

बिहार :  बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने लाखों छात्रों...

Related News

Popular Categories