Himachal Pradesh News: हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने एक बड़ा एलान किया है। राज्य सरकार जल्द ही दवाओं की खरीद के लिए लगभग 100 करोड़ रुपये की निविदाएं आमंत्रित करेगी। सोमवार को हुई स्वास्थ्य विभाग की बैठक में यह जानकारी दी गई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य भर के सरकारी अस्पतालों में मरीजों को विश्व स्तरीय दवाएं मिलेंगी। दवाओं की खरीद सीधे निर्माता कंपनियों से की जाएगी। इससे दवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित हो सकेगी।
दवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने का आदेश
सुक्खू ने अधिकारियों को सख्त गुणवत्ता मानकों का पालन करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि सरकारी केंद्रों पर उपलब्ध कराई जाने वाली दवाओं की गुणवत्ता पर कोई समझौता नहीं होगा। आवश्यकता पड़ने पर औषधि अधिनियम में भी संशोधन किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि जनहित की रक्षा सर्वोपरि है। लोगों को गुणवत्तापूर्ण दवाएं उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। इसके लिए हर जरूरी कदम उठाया जाएगा।
स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधार के लिए कई कदम
राज्य सरकार स्वास्थ्य क्षेत्र में कई सुधार लागू कर रही है। मुख्य ध्यान विश्व स्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने पर है। हिमाचल के हर नागरिक को बेहतर चिकित्सा सुविधा मिले, यह लक्ष्य है।
इसी कड़ी में दवाओं की खरीद प्रक्रिया में बदलाव किया जा रहा है। सीधे निर्माताओं से दवाएं खरीदने से बिचौलियों की भूमिका समाप्त होगी। इससे लागत कम होने और गुणवत्ता बढ़ने की उम्मीद है।
खाद्य निगम को दिए नए निर्देश
मुख्यमंत्री ने खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति निगम के अधिकारियों को निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जन औषधि और अन्य चिकित्सा केंद्रों के लिए दवाएं अधिकृत विक्रेताओं से न खरीदी जाएं। दवाएं सीधे दवा कंपनियों से खरीदी जानी चाहिए।
इस कदम से दवाओं की आपूर्ति श्रृंखला सरल होगी। समय पर दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जा सकेगी। मरीजों को नई और प्रभावी दवाएं मिल सकेंगी।
सरकारी अस्पतालों में बदलाव की तैयारी
राज्य सरकार का लक्ष्य है कि हर सरकारी अस्पताल में आवश्यक दवाओं का पर्याप्त भंडार रहे। कोई भी मरीज दवा के अभाव में परेशानी न झेले। इसके लिए खरीद प्रक्रिया को पारदर्शी और कुशल बनाया जा रहा है।
निविदा प्रक्रिया शुरू होने से पहले सभी तैयारियां पूरी की जा रही हैं। विभिन्न किस्म की दवाओं की आवश्यकता का आकलन किया जा रहा है। इससे खरीद की योजना बनाने में मदद मिलेगी।
मरीजों को मिलेगा सीधा लाभ
इस पहल का सीधा लाभ राज्य के मरीजों को मिलेगा। उन्हें सस्ती और गुणवत्तापूर्ण दवाएं मिल सकेंगी। सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं पर लोगों का विश्वास बढ़ेगा। स्वास्थ्य सुविधाओं तक पहुंच आसान होगी।
यह कदम स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है। इससे सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली सुदृढ़ होगी। राज्य के नागरिकों का समग्र स्वास्थ्य स्तर सुधरेगा।
