हिमाचल ग्रामीण विकास विभाग ने पिछले तीन साल में बीपीएल सूची से 49 हजार 471 परिवारों को हटाया है। यह जानकारी ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री ने विधायक रमेश चंद ध्वाला के सवाल के लिखित जवाब में दी है। मंत्री ने बताया कि बीपीएल सूची में चयन से संबंधित वर्तमान में 71 शिकायतें लंबित है। सूची में अभी तक एक भी कर्मचारी या पंचायत प्रतिनिधि अपात्र नहीं पाया गया है। मंत्री ने कहा कि ग्राम पंचायतों की बीपीएल सूची की समीक्षा व निरीक्षण अप्रैल 2021 में निर्धारित ग्राम सभा की पहली बैठक में की जाएगी। ध्वाला ने सवाल किया था कि प्रदेश में बीपीएल परिवारों की चयन प्रक्रिया क्या है और बीपीएल सूची में चयनित अपात्र परिवारों के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई है।

मंत्री ने बताया कि भारत सरकार ने 13 आर्थिक सामाजिक मानक तय किए हैं जिनके आधार पर ही किसी परिवार का चयन होता है। इसमें क्रियाशील जोत की भूमि का आकार समूह, मकान का प्रकार, सामान्य रूप से पहनने के कपड़ों की उपलब्धता, भोजन की सुनिश्चितता, स्वच्छता, उपभोक्ता चिरस्थायी सामान का स्वामित्व, उच्चतर साक्षर वयस्क की साक्षरता की स्थिति, आजीविका का साधन, बच्चों की स्थिति, ऋण की किस्म, परिवार में प्रवास का कारण और सहायता की प्राथमिकता शामिल हैं। हर मानक पर शून्य से 4 अंक दिए जाते हैं। ग्राम पंचायत में बीपीएल परिवार के चयन के लिए ग्राम सभा सक्षम है। यह भी तय किया गया है कि अगर कोई मानक पूरा नहीं करता तो ऐसे परिवार के नाम को सूची से ग्राम सभा की सालाना बैठक में हटाया जा सकता है। 

By RIGHT NEWS INDIA

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