हिमाचल प्रदेश सरकार मेधावी विद्यार्थियों के लिए टॉप-100 योजना शुरू करेगी। इसके तहत सभी सरकारी स्कूलों में पांचवीं कक्षा के बाद 100 प्रतिभाशाली विद्यार्थियों का चयन राज्य शैक्षणिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) की ओर से किया जाएगा। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने बजट में इसकी घोषणा की। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को नियमित मूल्यांकन के आधार पर यह छात्रवृत्ति प्रदान की जाएगी। बजट में शिक्षा क्षेत्र के लिए 8024 करोड़ रुपये का प्रविधान किया गया है।

सरकार ने पिछले साल स्वर्ण जयंती सुपर-100 योजना शुरू की थी। इसी योजना को विस्तार दिया गया है। मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 को लागू करने की घोषणा की। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के लागू होने के बाद स्कूल से लेकर कॉलेज और विश्वविद्यालय स्तर पर पठन व पाठन क्षेत्र में कई अहम बदलाव होंगे। इस नीति से प्रारंभिक बाल्य अवस्था देखभाल और उच्चतम स्तर तक शिक्षा क्षेत्र में व्यापक एवं दूरगामी परिवर्तन होंगे। इस नीति के लागू होने के बाद तीसरी, पांचवीं और आठवीं के विद्यार्थियों को स्कूल की परीक्षा देनी अनिवार्य होगी।

स्वर्ण जयंती ज्ञानोदय कलस्टर श्रेष्ठ विद्यालय योजना, स्वर्ण जयंती उत्कृष्ट विद्यालय योजना, महाविद्यालयों के लिए उत्कृष्ट योजना जारी रहेंगी। इन तीनों  योजनाओं के तहत 100 कलस्टर स्कूल, 68 वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल और नौ महाविद्यालय शामिल किए जाएंगे। अभिसरण के सिद्धांत पर सरकार ग्रामीण विकास के माध्यम से 100 अन्य स्कूलों में सुविधाएं देगी।
प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए पायलट आधार पर विज्ञान, गणित और अंग्रेजी बोलने का विशेष कोर्स आरंभ होगा। माध्यमिक स्कूलों में 100 मैथ लैब स्थापित की जाएंगी। बच्चों की बौद्धिक क्षमता विकास के लिए शतरंज खेल को प्रोत्साहित किया जाएगा। शिक्षा प्रणाली को प्रभावी बनाने के लिए हिम दर्पण शिक्षा एकीकृत पोर्टल स्थापित किया जाएगा। मोबाइल एप की सहायता से पोर्टल पर अध्यापन एवं कार्मिक मामलों से संबंधित सूचना अपलोड की जा सकेगी। ब्लॉक स्तर पर 50 की जगह 100, जोनल व जिला स्तर पर 60 की जगह 120 व राज्यस्तर पर 75 रुपये की जगह 150 रुपये डाइट मनी मिलेगी। मेधा प्रोत्साहन योजना इस वित्तीय वर्ष भी जारी रहेगी। ऑनलाइन होगी छात्रों की करियर काउंसिलिंग, लैपटॉप के बदले टैबलेट मिलेंगे। इस पर 25 करोड़ खर्च होंगे। ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरह पढ़ाने की व्यवस्था होगी। इस पर पांच करोड़ रुपये खर्च होंगे।

प्रदेश के औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में (आइटीआइ) प्रशिक्षण के बाद युवाओं को टूल किट खरीदने के लिए सरकार सब्सिडी देगी। पहले अनुसूचित जाति के प्रशिक्षुओं को टूल किट के लिए सरकार उपदान दे रही थी। अब सभी वर्गों के लिए प्रविधान कर दिया है। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि वित्तीय वर्ष 2021-22 में तकनीकी संस्थानों सिविल ब्लॉक महात्मा गांधी राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज कोटला ज्यूरी, मैकेनिकल इंजीनियरिंग ब्लॉक सुंदरनगर, आइटीआइ कुमारसैन का ब्लॉक-बी, आइटीआइ अर्की में वर्कशॉप ब्लॉक, आइटीआइ भवन गंगथ, आइटीआइ भवन करसोग, महिला राजकीय बहुतकनीकी संस्थान रैहन और बंदला स्थित हाइड्रो इंजीनियरिंग कॉलेज भवन का निर्माण कार्य पूरा करके इन्हें समर्पित कर दिया जाएगा। इनके निर्माण पर 400 करोड़ की राशि व्यय की जाएगी।

By RIGHT NEWS INDIA

RIGHT NEWS INDIA We are the fastest growing News Network in all over Himachal Pradesh and some other states. You can mail us your News, Articles and Write-up at: News@RightNewsIndia.com

error: Content is protected !!