Himachal News: हिमाचल प्रदेश के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों के लिए बड़ी खबर है। राज्य सरकार 5वीं से 12वीं कक्षा तक के सिलेबस में बड़ा बदलाव करने जा रही है। 20 जनवरी को सोलन में एक अहम बैठक होने वाली है। इस बैठक में हिमाचल के इतिहास और संस्कृति समेत कई नए विषयों को पाठ्यक्रम में जोड़ने पर अंतिम मुहर लगेगी। सरकार का मकसद शिक्षा में गुणात्मक सुधार लाना है।
ये नए विषय बनेंगे पढ़ाई का हिस्सा
शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर की अध्यक्षता में राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (SCERT) के साथ यह बैठक होगी। सरकार मौजूदा विषयों के साथ पांच नए क्षेत्रों को पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाएगी। इनमें शामिल हैं:
- हिमाचल का इतिहास
- प्रदेश की संस्कृति और रीति-रिवाज
- सड़क सुरक्षा (Road Safety)
- सामान्य ज्ञान (General Knowledge)
- नशा मुक्ति जागरूकता
प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार होंगे छात्र
नियमों के मुताबिक, स्कूली पाठ्यक्रम में 80 प्रतिशत हिस्सा एससीईआरटी का अनिवार्य होता है। लेकिन राज्य सरकार 20 प्रतिशत सिलेबस अपने हिसाब से तय कर सकती है। अभी तक इसमें लोक संस्कृति और योग जैसे विषय शामिल थे। अब सरकार इसका विस्तार करना चाहती है। सरकार का मानना है कि छात्रों को अपने प्रदेश की पूरी जानकारी होनी चाहिए। जब ये छात्र स्कूल पास करके प्रतियोगी परीक्षाओं में बैठेंगे, तो यह ज्ञान उनके भविष्य में बहुत काम आएगा।
सीएम सुक्खू ने पकड़ी थी ‘कमजोरी’
नए सिलेबस में सामान्य ज्ञान (GK) पर सबसे ज्यादा फोकस रहेगा। हाल ही में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने प्रदेश के कई स्कूलों का औचक निरीक्षण किया था। उन्होंने छात्रों से बातचीत के दौरान पाया कि बच्चों का सामान्य ज्ञान काफी कमजोर है। इसी कमी को दूर करने के लिए पाठ्यक्रम बदला जा रहा है। शिक्षा सचिव राकेश कंवर को बदलाव का प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दे दिए गए हैं।
