Himachal News: हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर में वाहन पंजीकरण को लेकर एक बहुत बड़े फर्जीवाड़े का पर्दाफाश हुआ है। यहां एक व्यक्ति ने 13.50 लाख रुपये में क्रेटा कार खरीदी थी। लेकिन जब जांच हुई तो पता चला कि उसी कार पर बैंक से 18.50 लाख रुपये का भारी-भरकम लोन लिया गया है। इस सनसनीखेज खुलासे के बाद परिवहन विभाग और बैंक अधिकारियों के पूरी तरह होश उड़ गए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने अब गहराई से अपनी जांच शुरू कर दी है।
जांच में सामने आया करोड़ों का खेल
बिलासपुर जिले में चल रही जांच के दौरान इस अनोखे फर्जीवाड़े की परतें खुलकर सामने आई हैं। आरोपियों ने पूरी तरह फर्जी दस्तावेजों का सहारा लेकर इस बड़े खेल को अंजाम दिया। शातिरों ने कार की असल कीमत से काफी ज्यादा का लोन बैंक से पास करवा लिया। इस बात की भनक न तो असली खरीदार को लगी और न ही शुरुआत में परिवहन विभाग को कुछ समझ आया। यह मामला सामने आने के बाद अब कई अन्य गाड़ियों की फाइलों को भी सख्ती से खंगाला जा रहा है।
फर्जी रजिस्ट्रेशन और लोन का बड़ा नेक्सस
पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों का मानना है कि इस फर्जीवाड़े के पीछे एक बहुत बड़ा गिरोह काम कर रहा है। इसमें कुछ बैंक कर्मचारियों और आरटीओ (RTO) दफ्तर के दलालों की मिलीभगत से भी इनकार नहीं किया जा सकता। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आखिर गाड़ी की असली कीमत से 5 लाख रुपये ज्यादा का लोन कैसे पास हो गया। पुलिस उन सभी लोगों से पूछताछ कर रही है जिनके हस्ताक्षर लोन और रजिस्ट्रेशन की इस फाइल पर मौजूद हैं।
वाहन मालिकों के लिए प्रशासन ने जारी किया अलर्ट
इस घटना के बाद राज्य सरकार और प्रशासन ने वाहन मालिकों के लिए एक विशेष अलर्ट जारी किया है। प्रशासन ने प्रदेश के सभी लोगों से अपील की है कि वे अपनी गाड़ियों के दस्तावेजों और लोन हिस्ट्री की तुरंत जांच करवाएं। अगर किसी भी वाहन पर संदिग्ध लोन या फर्जी रजिस्ट्रेशन का कोई भी मामला मिलता है, तो तुरंत पुलिस को इसकी सूचना दें। इस बड़े खुलासे के बाद अब प्रदेश भर में गाड़ियों के पंजीकरण की प्रक्रिया को और ज्यादा सख्त किया जा रहा है।


