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Saturday, April 1, 2023

Himachal Budget 2023: मुख्यमंत्री सुखविंदर सुक्खू पेश कर रहे अपना पहला बजट, नादौन की जनता का जताया आभार

Himachal Budget 2023 Live Update: आज शुक्रवार को मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने विधानसभा में अपनी सरकार का पहला बजट पेश किया। बजट पेश करते हुए सीएम सुक्खू ने कहा कि मुख्यमंत्री के रूप में मेरा पहला बजट, कांग्रेस पार्टी व नादौन की जनता का आभार जताया हूं।

सीएम सूक्खू ने कहा कि सत्ता संभालते ही हमें खराब वित्तीय स्थिति मिली। पूरा प्रदेश कर्ज में डूबा था और भाजपा इसके लिए उत्तरदायी है।

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि कांग्रेस को खराब वित्तीय स्थिति विरासत में मिली। हम प्रदेश की आर्थिक स्थिति को पटरी पर लाने के लिए सांसदों का भी सहयोग मांग रहे हैं। हम प्रदेश की स्थिति को बेहतर करने में लगे हैं। उन्होंने कहा कि आर्थिक संकट के बाद भी विकास कार्य प्रभावित नहीं होने देंगे।

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू आज अपनी सरकार का पहला बजट पेश कर रहे हैं। बजट पेश करने के लिए मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू अपने सरकारी निवास ओक ओवर से इलेक्ट्रिक कार में बैठकर विधानसभा के लिए निकले हैं।सरकार ने ग्रीन एनर्जी की तरफ कदम बढ़ाया है और 2025 तक सभी सरकारी विभागों में इलेक्ट्रिक वाहनों का उपयोग सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा है।

संभावना है कि बजट एक साल के लिए न होकर विकास का 15 साल का रोडमैप बनेगा। पहले बजट में कांग्रेस की ओर से विधानसभा चुनाव में दी गई 10 गारंटी का उल्लेख भी नजर आएगा।

मुख्यमंत्री शुक्रवार को दिन में 11 बजे विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2023-24 का बजट प्रस्तुत करेंगे। बजट में युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने, महिलाओं को आर्थिक विकास की भागीदारी में शामिल करने की योजनाएं होंगी। पर्यटन क्षेत्र की ऊंची उड़ान का खाका पेश होगा। ऊर्जा राज्य हिमाचल अब सौर ऊर्जा राज्य के तौर पर पहचान बनाने के लिए कदम बढ़ाएगा। बजट में सरकार का विजन (दृष्टिकोण) सामने आएगा कि उसे किस दिशा में आगे बढ़ना है।

प्रदेश को कर्ज से बाहर निकालना बड़ी चुनौती

सरकार के सामने इस समय सबसे कठिन स्थिति यह है कि हिमाचल प्रदेश को बढ़ते कर्ज से बाहर निकालना है। अतिरिक्त वित्तीय संसाधन जुटाने की दिशा में आगे बढ़ने का रोडमैप देखने को मिलेगा। अब तक सरकार ने पनविद्युत परियोजनाओं पर जल उपकर लगाने का निर्णय लेकर सालाना करीब 4000 करोड़ रुपये जुटाने का निर्णय लिया है। नई आबकारी नीति और डीजल पर वैट बढ़ाकर आय जुटाने का प्रयास किया है।

हिमाचल पर करीब 75,000 करोड़ रुपये के अलावा कर्मचारियों व पेंशनरों के एरियर व डीए की 12000 करोड़ रुपये की देनदारियां हैं जिन्हें चुकता करने के लिए सरकार को अतिरिक्त वित्तीय संसाधन की जरूरत है।

मुख्यमंत्री का ग्रीन एनर्जी मॉडल

बजट में मुख्यमंत्री का ग्रीन एनर्जी मॉडल भी सामने आएगा। इसमें प्रदेश में अगले तीन साल के भीतर सरकारी वाहनों और परिवहन निगम के वाहनों को इलेक्ट्रिक वाहनों में बदलना शामिल होगा। इसके लिए प्रदेश के प्रमुख राष्ट्रीय व राजमार्गों पर चार्जिंग स्टेशन लगाने हैं, वहीं पर्यावरण संरक्षण को भी बल मिलेगा।

शिक्षा के क्षेत्र में हो सकते हैं बड़े बदलाव

शिक्षा के क्षेत्र में सभी 68 विधानसभा क्षेत्रों में राजीव गांधी डे-बोर्डिंग स्कूल खोलने तथा गुणवत्ता शिक्षा प्रदान करना शामिल है। स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं। इसमें सरकार रोबोटिक सर्जरी, पेट स्कैन सुविधा व आधुनिक तकनीक को अपनाने की दिशा में आगे बढ़ सकती है।

पर्यटन क्षेत्र में बढ़ सकता है बजट

सरकार पर्यटन क्षेत्र को विशेष महत्व दे रही है। ऐसे में इसके लिए बजट में पहले की अपेक्षा कहीं अधिक बढ़ोतरी हो सकती है। कर्मचारियों की पुरानी पेंशन बहाली के बाद वेतन आयोग से संबंधित वित्तीय अदायगी को निपटाने और महिलाओं को 1500 रुपये प्रतिमाह देने की दिशा में कोई घोषणा हो सकती है। पशुपालन, कृषि-बागवानी और रोजगार सृजन पर भी बजट फोकस रह सकता है।

मुख्यमंत्री श्रमिक वर्ग के हितों को ध्यान में रखकर दिहाड़ी को बढ़ाने की घोषणा भी कर सकते हैं। साथ ही ड्रोन टेक्नोलॉजी का लाभ उठाने की दिशा में भी सरकार की तरफ से कदम बढ़ाए जाने की संभावना है।

केंद्रीय योजनाओं का रहेगा सहारा

मौजूदा वित्तीय वर्ष के बजट में विकास कार्य के लिए 100 रुपये में से 29 रुपये रखे गए हैं। वेतन पर 26 रुपये, पेंशन पर 15 रुपये, ऋण अदायगी पर 11 रुपये व ब्याज अदायगी के लिए 10 रुपये रखे हैं। विकास के लिए बजट केंद्रीय योजनाओं के सहारे रहने की संभावना अधिक है क्योंकि बजट का अधिकांश हिस्सा उपरोक्त खर्चों में चला जाएगा।

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