Himachal News: हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड की बोर्ड परीक्षा को लेकर एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। बोर्ड ने उन विषयों के लिए भी परीक्षा की तारीखें घोषित कर दी हैं, जिनके प्रदेश में न तो छात्र हैं और न ही शिक्षक। इन विषयों में तमिल, तेलुगू और फ्रेंच शामिल हैं। दरअसल, शिक्षा नीति के तहत बोर्ड के लिए ऐसा करना अनिवार्य है। बोर्ड को हर साल इन ‘अदृश्य’ विषयों को अपनी डेटशीट में शामिल करना पड़ता है।
शिक्षा नीति के कारण लिया गया फैसला
स्कूल शिक्षा बोर्ड, धर्मशाला के सचिव डॉ. मेजर विशाल शर्मा ने इस पर स्थिति स्पष्ट की है। उन्होंने बताया कि शिक्षा नीति के नियमों के अनुसार बोर्ड परीक्षा का शेड्यूल बनाते समय सभी स्वीकृत भाषाओं को शामिल करना जरूरी होता है। भले ही उस साल किसी भी स्कूल में उन विषयों का कोई परीक्षार्थी न हो। भविष्य में अगर कोई छात्र इन विषयों को चुनता है, तो उसके लिए परीक्षा की व्यवस्था पहले से तैयार रहनी चाहिए। इसी नियम के चलते डेटशीट में ये विषय नजर आते हैं।
बोर्ड नहीं देगा इन विषयों के प्रश्नपत्र
बोर्ड परीक्षा के दौरान इन अनोखे विषयों के लिए एक खास शर्त भी रखी गई है। बोर्ड प्रबंधन ने साफ किया है कि वह इन विषयों के प्रश्नपत्र अपनी तरफ से उपलब्ध नहीं करवाएगा। अगर किसी स्कूल में इत्तेफाक से कोई विद्यार्थी इन विषयों की परीक्षा देता है, तो उस स्कूल को प्रश्नपत्र अपने स्तर पर ही तैयार करना होगा। गौरतलब है कि हिमाचल के स्कूलों में इन भाषाओं की नियमित पढ़ाई नहीं होती है। इसके बावजूद हर साल डेटशीट का यह पहलू सबको हैरान करता है।

