हिमाचल प्रदेश का बायोमेडिकल वेस्ट मैनेजमैंट देशभर में सर्वश्रेष्ठ

हिमाचल प्रदेश को बायोमेडिकल वेस्ट मैनेजमैंट में देशभर में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाला राज्य घोषित किया है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) द्वारा बायोमेडिकल वेस्ट मैनेजमैंट रूल्ज, 2016 के कार्यान्वयन के संबंध में विभिन्न राज्यों में तुलनात्मक मूल्यांकन करवाया गया, जिसमें हिमाचल प्रदेश प्रथम स्थान पर रहा है। यानि एलोपैथिक आयुर्वैदिक और पशु चिकित्सालयों से निकलने वाले बॉयोमेडिकल वेस्ट का हिमाचल सबसे अच्छे से प्रबंधन कर रहा है।

जिसमें सीपीसीबी द्वारा इस तुलनात्मक मूल्यांकन में देश के विभिन्न राज्यों व चंडीगढ़, दिल्ली, जैसे केंद्र शासित प्रदेशों को शामिल किया गया था। सीपीसीबी द्वारा नैशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के समक्ष बायोमैडीकल वेस्ट मैनेजमैंट को लेकर प्रस्तुत की गई रिपोर्ट में हिमाचल को 24 में से सर्वाधिक 21 अंक दिए गए हैं। वर्ष 2016 में नए नियम अधिसूचित होने पर राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने हितधारक संस्थानों जैसे एलोपैथिक, आयुर्वैदिक और पशु चिकित्सा अस्पतालों के संबंध में अनेक नए कदम उठाए हैं। बोर्ड द्वारा इस संबंध में राज्य, जिला व स्थानीय स्तर पर 100 से अधिक प्रशिक्षण और कार्यशालाओं का आयोजन किया गया।

राज्य के पास लगभग 8853 स्वास्थ्य देखभाल संस्थान हैं। जो सभी नियमों के दायरे में आते हैं। कोविड-19 महामारी की स्थिति के बावजूद, राज्य नियामक एजैंसी ने जैव-चिकित्सा अपशिष्ट के प्रबंधन के लिए नियामक उपायों को लागू करने के लिए बेहतर प्रयास किए हैं और लगभग 4000 स्वास्थ्य देखभाल संस्थानों को प्राधिकृत किया है, जो लगभग 58 प्रतिशत है।

राज्य में 4125 एलोपैथिक स्वास्थ्य संस्थान हैं, जिनमें से 3147 संस्थानों को अब तक राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा अधिकृत किया गया है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के नियमों का पालन करने में आयुर्वैदिक संस्थान सबसे आगे हैं। कुल 1228 संस्थानों में से 1112 संस्थानों को बोर्ड द्वारा अधिकृत किया गया है। इसके अलावा पशु चिकित्सा संस्थानों का अनुपालन स्तर लगभग 72 प्रतिशत है। 96 औद्योगिक इकाइयां भी हैं, जो नियमों के दायरे में आती हैं जिसमें 91 इकाइयों को अब तक अधिकृत किया गया है।

राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य सचिव डॉ. निपुण जिंदल ने कहा कि राज्य में बॉयोमैडीकल वेस्ट मैनेजमैंट की स्थिति की समय-समय पर मुख्य सचिव, हिमाचल सरकार के स्तर पर समीक्षा की जा रही है। सामूहिक प्रयासों के परिणामस्वरूप राज्य में नियमों का बेहतर तरीके से कार्यान्वयन हुआ है। जिसके परिणामस्वरूप से हिमाचल प्रदेश को देश भर में बॉयोमैडीकल वेस्ट मैनेजमैंट में सर्वश्रेष्ठ घोषित किया गया है।

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