हरियाणा राज्यसभा चुनाव: लग्जरी होटलों में विधायकों की ‘क्लास’, कांग्रेस को सता रहा सेंधमारी का डर

Haryana News: हरियाणा में राज्यसभा की दो सीटों के लिए होने वाली जंग अब निर्णायक मोड़ पर है। सोमवार को होने वाले मतदान से पहले राज्य की सियासत लग्जरी होटलों में कैद हो गई है। भाजपा और कांग्रेस, दोनों ही दल अपने विधायकों को ‘मॉक ड्रिल’ के जरिए वोट डालने की ट्रेनिंग दे रहे हैं। जहां कांग्रेस अपने विधायकों को टूट से बचाने के लिए हिमाचल के कुफरी ले गई है, वहीं भाजपा ने चंडीगढ़ के आलीशान होटल में निर्दलीयों के साथ मोर्चाबंदी कर ली है। सोमवार शाम तक साफ हो जाएगा कि इस सियासी बिसात पर शह और मात के खेल में बाजी किसके हाथ लगती है।

कुफरी में कांग्रेस की कड़ी पहरेदारी और वोटिंग का अभ्यास

संख्याबल होने के बावजूद अतीत में दो बार हार का स्वाद चख चुकी कांग्रेस इस बार कोई जोखिम नहीं उठाना चाहती। पार्टी के 37 में से 31 विधायक कुफरी के एक होटल में कड़ी सुरक्षा के बीच मौजूद हैं। शनिवार को प्रभारी बी.के. हरिप्रसाद और भूपेश बघेल की निगरानी में विधायकों ने मतदान का अभ्यास किया। दीपेंद्र हुड्डा ने एक-एक कर विधायकों को बुलाया और मतपेटी में वोट डालने की प्रक्रिया पूरी कराई। सुरक्षा इतनी सख्त है कि विधायकों को अकेले सैर करने की भी अनुमति नहीं दी गई।

भाजपा की रणनीति: निर्दलीयों के साथ चंडीगढ़ में किलेबंदी

दूसरी तरफ, भाजपा ने अपने प्रत्याशी संजय भाटिया की जीत सुनिश्चित कर ली है। असली मुकाबला कांग्रेस के कर्मवीर बौद्ध और भाजपा समर्थित निर्दलीय सतीश नांदल के बीच फंसा है। भाजपा ने अपने सभी विधायकों और तीन निर्दलीयों को चंडीगढ़ के होटल जेडब्ल्यू मेरिएट में ठहराया है। यहां विधायकों को पहली और दूसरी वरीयता के वोट का गणित समझाया गया। सरकार ने चुनाव और काउंटिंग एजेंट के तौर पर अनुभवी मंत्रियों और विधायकों को जिम्मेदारी सौंप दी है ताकि तकनीकी चूक की कोई गुंजाइश न रहे।

40 नए विधायकों पर टिकी नजरें, ‘सेंधमारी’ का खतरा बरकरार

इस चुनाव में सबसे दिलचस्प पहलू यह है कि 90 सदस्यीय विधानसभा में 40 विधायक पहली बार चुनकर आए हैं। इन नए चेहरों को वोटिंग की बारीकियां समझाने के लिए ही दोनों दलों ने ‘पाठशाला’ लगाई है। कांग्रेस को डर है कि कहीं भाजपा उसके वोटों में सेंध न लगा दे, जैसा पिछले चुनावों में देखा गया था। रविवार को भी दोनों खेमों में रिहर्सल का दौर चलेगा। भाजपा की कोशिश प्रतिकूल गणित को अपने पक्ष में मोड़कर निर्दलीय प्रत्याशी को जिताने की है।

प्रशासनिक सतर्कता और चुनावी नियुक्तियां

चुनाव को पारदर्शी और त्रुटिहीन बनाने के लिए भाजपा ने कैबिनेट मंत्री कृष्ण बेदी को चुनाव एजेंट बनाया है। वहीं रणबीर गंगवा और योगेंद्र राणा को काउंटिंग की जिम्मेदारी दी गई है। खेल मंत्री गौरव गौतम और सुनील सांगवान पार्टी प्रतिनिधि के रूप में तैनात रहेंगे। चंडीगढ़ में शनिवार भर गहमागहमी बनी रही और रविवार को भी राजनीतिक पारा चढ़ा रहने की उम्मीद है। सोमवार सुबह सभी विधायक सीधे मतदान केंद्र पहुंचेंगे, जहां उनके भविष्य और पार्टी की साख का फैसला होगा।

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