Haryana News: हरियाणा पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स ने रोहित गोदारा-गोल्डी बराड़ गैंग के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से चार विदेशी हथियार भी बरामद हुए हैं। पुलिस का दावा है कि यह गिरोह अमेरिका में संगठित अपराधों में शामिल था। इन पर कैलिफोर्निया में एक गैंगस्टर की हत्या का आरोप भी है।
यह गिरफ्तारी पुलिस की एक बड़ी कार्रवाई में सामने आई है। स्पेशल टास्क फोर्स ने दो अलग-अलग मौकों पर यह कार्रवाई की। रमन और लोकेश नाम के आरोपियों को पहले दस जनवरी को हथियारों के साथ पकड़ा गया। इसके बाद बलराम और रविंदर सिंह को चौदह जनवरी को गिरफ्तार किया गया। सभी आरोपी कैथल जिले के रहने वाले हैं।
पूछताछ के दौरान आरोपियों ने बड़ा खुलासा किया। उन्होंने अमेरिका में होने वाले संगठित अपराधों में अपनी भूमिका स्वीकार की। पुलिस के अनुसार यह गिरोह अमेरिका में सक्रिय था। वहां उन्होंने कई गंभीर अपराधों को अंजाम दिया। इनमें हत्या और जानलेवा हमले भी शामिल हैं।
अमेरिका में हत्या और हमले का आरोप
आरोपियों ने साल 2024 में कैलिफोर्निया में हुई एक हत्या को अंजाम देने की बात कबूली। इस हत्या में गैंगस्टर सुनील यादव की मौत हुई थी। दिलचस्प बात यह है कि इस हत्या की जिम्मेदारी लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने ली थी। पर अब नए खुलासे हुए हैं। पुलिस को आरोपियों से इसकी जानकारी मिली है।
इसके अलावा पिछले साल एक और घटना हुई थी। आरोपियों ने अमेरिका में गैंगस्टर हैरी बॉक्सर पर जानलेवा हमला किया था। इस हमले में उनका एक साथी बनवारी गोदारा मारा गया था। एक अन्य साथी को गोली भी लगी थी। पुलिस का कहना है कि यह हमला गैंग के भीतर बढ़ते झगड़े का नतीजा था।
भारत में भी चलाते थे रैकेट
हरियाणा एसटीएफ ने बताया कि यह गिरोह केवल अमेरिका तक सीमित नहीं था। भारत में भी इसकी गतिविधियां चल रही थीं। आरोपी रोहित गोदारा-गोल्डी बराड़ गैंग के लिए जबरन वसूली का रैकेट चलाते थे। यह काम वे हरियाणा, दिल्ली, पंजाब और राजस्थान में करते थे।
इस गिरोह ने व्यापारियों और आम लोगों पर कई बार फायरिंग की घटनाएं अंजाम दी थीं। इन हमलों का मकसद डर का माहौल बनाना और पैसे वसूलना था। पुलिस अब इन सभी घटनाओं की जांच कर रही है। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है।
इंटरपोल और अमेरिका को जानकारी
हरियाणा पुलिस ने इस मामले में अंतरराष्ट्रीय सहयोग बढ़ाने का फैसला किया है। एसटीएफ ने कहा कि इस मामले की प्रगति के बारे में इंटरपोल को सूचित किया जाएगा। संयुक्त राज्य अमेरिका के सक्षम अधिकारियों को भी जानकारी दी जाएगी। इससे कानूनी और परिचालन समन्वय सुनिश्चित हो सकेगा।
हरियाणा एसटीएफ के इंस्पेक्टर जनरल बी सतीश बालन ने इस मामले पर बात की। उन्होंने कहा कि इस मामले का राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा पर गंभीर प्रभाव पड़ता है। प्रभावी अभियोजन और आगे की जांच के लिए घनिष्ठ सहयोग जरूरी है। सीमा पार आपराधिक गतिविधियों को रोकने के लिए भी यह कदम उठाया जा रहा है।
पुलिस की इस कार्रवाई से एक बड़े अंतरराष्ट्रीय गैंगस्टर नेटवर्क पर रोक लगने की उम्मीद है। बरामद हथियारों से पता चलता है कि गिरोह के पास शक्तिशाली हथियार मौजूद थे। इन हथियारों का इस्तेमाल गंभीर अपराधों में किया जा सकता था। पुलिस ने समय रहते इन्हें बरामद कर लिया है।
अब पुलिस गिरोह के बाकी सदस्यों की तलाश कर रही है। संभावना है कि इस गिरोह के और भी सदस्य अमेरिका या भारत में मौजूद हों। उनसे जुड़ी जानकारी हासिल करने की कोशिश की जा रही है। इसके लिए दोनों देशों की एजेंसियां आपस में सहयोग कर रही हैं।

