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HARYANA NEWS: हरियाणा में मौसम विभाग की रेड अलर्ट चेतावनी के बीच भीषण ठंड ने जनजीवन को ठप कर दिया है। राज्य के कई जिलों में न्यूनतम तापमान जमाव बिंदु के करीब पहुंच गया है। शीत लहर, कोहरा और बर्फीली हवाओं के कारण विंड चिल फैक्टर ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है। इसका सीधा असर रेल और सड़क यातायात पर पड़ रहा है। लोगों को कड़ाके की ठंड का सामना करना पड़ रहा है।
मौसम विभाग के अनुसार हरियाणा के तीन जिलों में रात का तापमान बेहद खतरनाक स्तर पर पहुंच गया। सोनीपत में न्यूनतम तापमान 0.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हिसार में यह 0.5 डिग्री और गुरुग्राम में 0.8 डिग्री सेल्सियस रहा। इससे स्पष्ट है कि ठंड ने पूरे राज्य को अपनी चपेट में ले लिया है। नारनौल, भिवानी और महेंद्रगढ़ में भी तापमान 1 से 1.4 डिग्री के बीच दर्ज किया गया।
अम्बाला में दोपहर में भी 10 डिग्री से नीचे पारा
मौसम विभाग ने छह जिलों में कोल्ड डे की स्थिति दर्ज की है। इसका मतलब है कि इन जिलों में अधिकतम तापमान भी सामान्य से 6.5 डिग्री सेल्सियस नीचे रहा। अम्बाला में सबसे ज्यादा भीषण स्थिति देखने को मिली। यहां दोपहर का तापमान भी 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे, 9 डिग्री पर पहुंच गया। इससे पता चलता है कि पूरा दिन ही कड़ाके की ठंड में बीता।
अन्य जिलों में करनाल में अधिकतम तापमान 10.2 डिग्री रहा। कैथल में 10.8 और पानीपत में 11.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जींद और सोनीपत में यह क्रमशः 12.8 और 12.9 डिग्री रहा। हिसार में दिन का तापमान 13.2 डिग्री सेल्सियस मापा गया। इन आंकड़ों से साफ है कि ठंड का प्रकोप व्यापक स्तर पर फैला हुआ है।
मौसम विभाग ने जारी किया ऑरेंज अलर्ट
मौसम विभाग ने आने वाले दिनों के लिए नई चेतावनी जारी की है। विभाग ने गुरुवार के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इससे संकेत मिलता है कि ठंड की यह स्थिति अभी जारी रह सकती है। विभाग ने लोगों से सावधानी बरतने और आवश्यक सुरक्षात्मक उपाय करने की सलाह दी है। यातायात विभाग को भी अलर्ट पर रखा गया है।
मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्र मोहन ने इस स्थिति के कारणों के बारे में बताया। उनके अनुसार उत्तरी पर्वतीय इलाकों में लगातार बर्फबारी जारी है। हिमालय की बर्फ से ढंकी चोटियों से ठंडी हवाएं नीचे उतर रही हैं। इन हवाओं ने मैदानी इलाकों को अपनी गिरफ्त में ले लिया है। इसका सीधा असर हरियाणा जैसे राज्यों के मौसम पर पड़ रहा है।
रेल और सड़क यातायात पर असर
भीषण ठंड और कोहरे ने यातायात व्यवस्था को बुरी तरह प्रभावित किया है। रेलगाड़ियों का समय प्रभावित हुआ है। कई ट्रेनें लेट चल रही हैं। सड़क मार्गों पर कोहरे के कारण दृश्यता काफी कम हो गई है। इससे वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ गया है।
पुलिस और प्रशासन ने लोगों को सलाह दी है कि वे गैर जरूरी यात्राओं से बचें। अगर यात्रा करनी ही पड़े तो पूरी सावधानी बरतें। वाहनों में फॉग लाइट का इस्तेमाल जरूर करें। गति सीमा का पालन करें और पर्याप्त दूरी बनाकर वाहन चलाएं। यातायात नियमों का पालन करना इस समय और भी जरूरी हो गया है।
लोगों के दैनिक जीवन पर प्रभाव
कड़ाके की ठंड ने लोगों के दैनिक जीवन को प्रभावित किया है। सुबह-शाम के समय लोग घरों से बाहर निकलने से कतरा रहे हैं। बाजारों में भीड़ कम देखने को मिल रही है। दिहाड़ी मजदूरों और बाहर काम करने वाले लोगों को विशेष परेशानी हो रही है। स्वास्थ्य पर भी इसका असर पड़ रहा है।
सर्दी, जुकाम और बुखार के मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। अस्पतालों में मरीजों का तांता लगा हुआ है। डॉक्टर लोगों को गर्म कपड़े पहनने की सलाह दे रहे हैं। उनका कहना है कि खासकर बुजुर्गों और बच्चों का विशेष ध्यान रखना चाहिए। समय पर खानपान और पर्याप्त आराम भी जरूरी है।
इस मौसम में स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखना आवश्यक है। लोगों को पोषक और गर्म भोजन का सेवन करना चाहिए। शरीर को हाइड्रेटेड रखने के लिए पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थ लेते रहना चाहिए। घर से बाहर निकलते समय मुंह और कान ढककर रखने चाहिए। त्वचा को रूखेपन से बचाने के लिए मॉइस्चराइजर का प्रयोग करना चाहिए।
मौसम विभाग और स्वास्थ्य विभाग की सलाह है कि लोग ठंड से बचाव के उपाय अपनाएं। घर के अंदर हीटर या ब्लोअर का उपयोग करते समय हवा के निकास का उचित प्रबंध रखें। अगर बाहर जाना जरूरी हो तो पर्याप्त गर्म कपड़े पहनकर ही निकलें। सर्द हवाओं से बचने के लिए शरीर को पूरी तरह ढककर रखना फायदेमंद रहेगा।
