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हरियाणा सीएम नायब सैनी: पंजाब सरकार की नीतियों ने बनाया ‘कंगला’, किसानों को धोखा

Haryana News: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पंजाब सरकार और कांग्रेस पर जमकर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि इन पार्टियों की नीतियों से पंजाब की स्थिति खराब हुई है। सैनी ने बाढ़ राहत और किसान मदद को लेकर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के बयानों को बेबुनियाद बताया। उनका कहना है कि पंजाब अब रंगला नहीं रहा।

मुख्यमंत्री ने बाढ़ प्रभावितों के मुआवजे पर सवाल उठाए। उन्होंने बताया कि पंजाब सरकार ने बाढ़ के दौरान मुर्गी के मुआवजे की बात की थी। लेकिन वास्तव में किसानों को कोई राहत नहीं मिली। भगवंत मान ने बीस हजार रुपये प्रति एकड़ देने का वादा किया था। वहीं केजरीवाल ने पचास हजार रुपये का दावा किया था। दोनों ही वादे खोखले साबित हुए।

किसानों की दुर्दशा पर चिंता

सैनी ने कांग्रेस के दीर्घकालीन शासन को कोसा। उन्होंने कहा कि पचपन वर्षों तक शासन करने के बाद भी कांग्रेस ने किसानों के लिए कुछ नहीं किया। पंजाब सरकार को उन्होंने सलाह दी कि किसानों के लिए ठोस कदम उठाए जाने चाहिए। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की किसान हितैषी योजनाओं की सराहना की। केंद्र सरकार की योजनाओं का लाभ पंजाब के किसानों तक पहुंचाने पर जोर दिया।

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आप और कांग्रेस का राजनीतिक खेल

नायब सैनी ने आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के रिश्तों पर प्रकाश डाला। उनका कहना है कि दोनों पार्टियों में हमेशा प्रतिस्पर्धा रहती है। लेकिन जब उनकी बात नहीं बनती तो वे आपस में समझौता कर लेते हैं। यह खेल जनता को गुमराह करने के लिए है। अब लोग इस सच्चाई को समझने लगे हैं। उन्हें पता चल गया है कि इन पार्टियों का जनता से कोई सरोकार नहीं है।

हरियाणा के मुख्यमंत्री ने पंजाब के दौरे को एक पार्टी कार्यकर्ता का दायित्व बताया। वह राज्य का दौरा करके जमीनी हालात समझ रहे हैं। आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर भी पार्टी की रणनीति पर चर्चा हुई। भाजपा पंजाब में अपनी स्थिति मजबूत करना चाहती है। किसान मुद्दा चुनावी एजेंडे में प्रमुख हो सकता है।

बाढ़ राहत के मामले में पंजाब सरकार के रवैये की कई मीडिया रिपोर्टों में आलोचना हुई है। प्रमुख समाचार पोर्टल्स ने भी मुआवजा वितरण में देरी को उजागर किया है। इससे सरकार के दावों की विश्वसनीयता पर सवाल उठे हैं। किसान संगठनों ने भी इस मुद्दे पर सड़क से संसद तक आवाज उठाई है।

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केंद्र सरकार की किसान समर्थक योजनाओं का लाभ सीधे किसानों के खाते में पहुंच रहा है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि इसका एक बड़ा उदाहरण है। इससे किसानों को वित्तीय सुरक्षा मिली है। हरियाणा सरकार ने भी अपने यहां किसान हितों के लिए कई कदम उठाए हैं। पंजाब सरकार से इन योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन करने की अपेक्षा की जाती है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पंजाब में राजनीतिक माहौल गर्माया हुआ है। बाढ़ राहत और किसान मुद्दे चुनावी नजरिए से अहम बन सकते हैं। विपक्षी दल सरकार पर लगातार हमले कर रहे हैं। सत्तारूढ़ दल को इन आरोपों का जवाब देना मुश्किल हो रहा है। जनता का धैर्य अब टूटता नजर आ रहा है।

हरियाणा के मुख्यमंत्री का यह बयान दो राज्यों के बीच राजनीतिक बहस को और तेज करेगा। पंजाब सरकार अब तक इस पर कोई औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं दे पाई है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर और बयानबाजी होने की संभावना है। किसानों के हितों की बहस केंद्र में बनी रहेगी।

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