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हर्षित राणा: वडोदरा में जीत के बाद भी पिता से बात करने में डर रहे हैं क्रिकेटर

Sports News: भारत और न्यूजीलैंड के बीच वडोदरा में खेले गए पहले वनडे मैच के बाद हर्षित राणा चर्चा में हैं। उन्होंने मैच जीतने वाली शानदार पारी खेली। फिर भी वह अपने पिता से बात करने से डर रहे हैं। राणा को डर है कि जीत के बावजूद उन्हें पिता की डांट सुननी पड़ सकती है।

टीम इंडिया ने न्यूजीलैंड के खिलाफ यह मैच चार विकेट से जीता। भारत को जीत के लिए 301 रनों का लक्ष्य मिला था। टीम ने इसे 49 ओवर में हासिल कर लिया। विराट कोहली ने 93 रन की अहम पारी खेली। हर्षित राणा का ऑलराउंड प्रदर्शन मैच का टर्निंग प्वाइंट साबित हुआ।

हर्षित राणा ने बल्ले से 23 गेंदों पर 29 रनों की तेज पारी खेली। उन्होंने दो चौके और एक छक्का लगाया। यह पारी टीम के लिए बहुत महत्वपूर्ण साबित हुई। इससे पहले गेंदबाजी में भी उन्होंने अहम भूमिका निभाई। उन्होंने न्यूजीलैंड की सलामी जोड़ी को तोड़ा।

पिता की डांट का क्या है डर?

मैच केबाद हर्षित राणा ने अपनी अनोखी समस्या साझा की। उन्होंने बीसीसीआई टीवी को बताया कि वह पिता से बात करने से डर रहे हैं। उनके पिता हर मैच के बाद उन्हें फोन करते हैं। राणा को लगता है कि इस बार डांट पड़ सकती है।

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उन्होंने कहा कि टीम को जीत के लिए जब सिर्फ 20 रन चाहिए थे, तब वह आउट हो गए। इस वजह से उन्हें पिता की डांट का डर सता रहा है। हर्षित के पिता ने हमेशा उन्हें ऑलराउंडर बनने के लिए प्रेरित किया है। उनका मानना था कि ऑलराउंडरों को भारतीय टीम में जल्दी मौका मिलता है।

कप्तान गिल की जमकर तारीफ

हर्षित राणाने कप्तान शुभमन गिल की भी तारीफ की। उन्होंने गिल को आक्रामक और स्वतंत्र कप्तान बताया। राणा ने कहा कि गिल खिलाड़ियों को पूरी आजादी देते हैं। वह मैदान पर अपनी योजना के अनुसार खेलने की छूट देते हैं।

उन्होंने कहा कि गिल पहले से ही अपने फैसले के बारे में सोच लेते हैं। फिर वह उस पर तनाव नहीं लेते। यह उनकी सबसे अच्छी खूबी है। इस तरह का माहौल युवा खिलाड़ियों के लिए बहुत फायदेमंद होता है। वह निडर होकर अपना प्रदर्शन दे पाते हैं।

हर्षित राणा को इस मैच में नंबर सात पर बल्लेबाजी करने का मौका मिला। उन्हें वॉशिंगटन सुंदर से ऊपर भेजा गया। सुंदर एक मामूली चोट से जूझ रहे थे। राणा ने इस अवसर का पूरा फायदा उठाया। उन्होंने अपनी उपयोगिता साबित कर दी।

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गेंदबाजी में भी था शानदार प्रदर्शन

बल्लेबाजीसे पहले हर्षित राणा ने गेंदबाजी में भी शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने न्यूजीलैंड के ओपनर डेवोन कॉनवे को आउट किया। इसके बाद उन्होंने हेनरी निकोल्स का विकेट भी लिया। इन दोनों अहम विकेटों ने भारत को मैच में वापसी का मौका दिया।

राणा का यह प्रदर्शन दर्शाता है कि वह एक संपूर्ण ऑलराउंडर के रूप में उभर रहे हैं। टीम प्रबंधन ने उन्हें इस भूमिका के लिए तैयार करने का फैसला लिया था। वडोदरा के मैच ने साबित कर दिया कि यह फैसला सही था। राणा ने अपनी क्षमता का परिचय दिया है।

भारतीय क्रिकेट टीम में नए ऑलराउंडरों की तलाश लंबे समय से चल रही है। हर्षित राणा का नाम अब इस सूची में शामिल हो गया है। उनके प्रदर्शन से टीम को मध्यक्रम में मजबूती मिलेगी। यह भविष्य के लिए एक अच्छा संकेत है।

न्यूजीलैंड की टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 300 रन बनाए। यह स्कोर बनाना आसान नहीं था। भारतीय गेंदबाजों ने शुरुआत में दबाव बनाया। हर्षित राणा के विकेटों ने भारत की स्थिति मजबूत की। बाद में भारतीय बल्लेबाजों ने लक्ष्य का सफल पीछा किया।

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