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हर्षा रिछारिया: महाकुंभ से चर्चा में आईं लड़की ने धर्म की राह छोड़ी, कहा- ‘मैं सीता नहीं हूं’

Uttar Pradesh News: महाकुंभ 2025 से चर्चा में आईं हर्षा रिछारिया ने एक चौंकाने वाला ऐलान किया है। उन्होंने धर्म के मार्ग से पीछे हटने का निर्णय सार्वजनिक किया है। यह घोषणा उन्होंने सोशल मीडिया पर साझा एक वीडियो के माध्यम से की। इस वीडियो के बाद से नेटिजन्स में चर्चा तेज हो गई है।

हर्षा ने वीडियो में बताया कि पिछला एक वर्ष उनके लिए बेहद कठिन रहा। इस दौरान उन्हें आस्था से ज्यादा सवालों और आरोपों का सामना करना पड़ा। उन्होंने दावा किया कि उन्होंने कोई गलत काम नहीं किया फिर भी उनके इरादों पर शक किया गया।

वीडियो संदेश में मुख्य बातें

हर्षारिछारिया ने अपने संदेश में स्पष्ट शब्दों में अपनी पीड़ा जाहिर की। उन्होंने कहा कि उन्होंने न तो चोरी की और न ही किसी के साथ अन्याय किया। किसी भी प्रकार का अनैतिक कार्य करने से उन्होंने स्वयं को दूर रखा। फिर भी जब-जब उन्होंने धर्म के मार्ग पर आगे बढ़ने की कोशिश की तो उन्हें रोका गया।

समाज में किसी लड़की के चरित्र पर उंगली उठाना सबसे आसान होता है। इस टिप्पणी के साथ उन्होंने अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा कि वह सीता नहीं हैं जो हर बार अग्नि परीक्षा दें। यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया।

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महाकुंभ से शुरू हुई थी यात्रा

हर्षारिछारिया फिलहाल प्रयागराज के माघ मेले में मौजूद हैं। इस बार वह अपने भाई दीपक रिछारिया के साथ यहां पहुंची हैं। उन्होंने बताया कि महाकुंभ से शुरू हुई उनकी आध्यात्मिक यात्रा अब यहीं समाप्त हो रही है। यह निर्णय उनके लिए आसान नहीं रहा होगा।

उनके इस फैसले ने उनके अनुयायियों और फैंस को हैरान कर दिया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लोग इस पर अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। कुछ लोग उनके फैसले का समर्थन कर रहे हैं तो कुछ इसे गलत बता रहे हैं। बहस का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है।

धर्म का रास्ता बहुत कठिन है

हर्षाने अपने बयान में कहा कि धर्म का रास्ता बहुत कठिन होता है। इस पथ पर चलने के लिए बहुत त्याग करना पड़ता है। यह रास्ता हर किसी के बस की बात नहीं है। उनकी इस टिप्पणी ने एक नई बहस को जन्म दे दिया है।

एक सोशल मीडिया उपयोगकर्ता ने इस पर टिप्पणी करते हुए लिखा। उन्होंने कहा कि शायद हर्षा को समझ नहीं आया कि सिर्फ रील कट जाना ही तपस्या नहीं है। इस तरह की टिप्पणियां अब सामने आ रही हैं। हर कोई इस मामले पर अपनी राय रख रहा है।

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मौनी अमावस्या के बाद पुराने पेशे में लौटेंगी

रिपोर्ट्स केअनुसार हर्षा मौनी अमावस्या के बाद अपने पुराने पेशे में लौट सकती हैं। इससे पहले वह एक पेशेवर जीवन जी रही थीं। महाकुंभ ने उनकी जिंदगी को एक नया मोड़ दे दिया था। अब वह फिर से सामान्य जीवन की ओर लौटने जा रही हैं।

उनके इस निर्णय के पीछे के कारण अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं हैं। हालांकि उन्होंने वीडियो में कुछ संकेत जरूर दिए हैं। सामाजिक दबाव और निरंतर आलोचना ने उन्हें यह कदम उठाने के लिए प्रेरित किया होगा। यह एक व्यक्तिगत निर्णय प्रतीत होता है।

सोशल मीडिया पर मिल रही हैं मिली-जुली प्रतिक्रियाएं

हर्षाके इस फैसले पर सोशल मीडिया पर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। कुछ लोग उनके साहस की प्रशंसा कर रहे हैं। वहीं कुछ लोगों का मानना है कि उन्हें धैर्य रखना चाहिए था। आध्यात्मिक मार्ग पर चलने वालों के लिए यह एक चुनौतीपूर्ण स्थिति है।

इस मामले ने एक बार फिर सामाजिक मानदंडों और महिलाओं के प्रति दृष्टिकोण पर सवाल खड़े कर दिए हैं। किसी भी महिला के चरित्र पर संदेह करना कितना आसान है यह बात फिर से उभर कर सामने आई है। यह घटना एक बड़े सामाजिक विमर्श का हिस्सा बन गई है।

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