Melbourne News: क्रिकेट की दुनिया के सबसे पुराने और सम्मानित फॉर्मेट ‘टेस्ट क्रिकेट’ ने आज अपने शानदार 149 साल पूरे कर लिए हैं। ठीक 149 साल पहले यानी 15 मार्च 1877 को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की पहली गेंद फेंकी गई थी। भले ही आज टीम इंडिया टी20 वर्ल्ड कप और चैंपियंस ट्रॉफी जीतकर वर्ल्ड चैंपियन बनी हो, लेकिन टेस्ट क्रिकेट का रोमांच आज भी बेमिसाल है। मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड (MCG) में खेला गया वह ऐतिहासिक मैच आज भी खेल प्रेमियों के लिए किसी तीर्थ से कम नहीं है।
ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच छिड़ी थी पहली रार
क्रिकेट इतिहास का पहला टेस्ट मैच ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड की टीमों के बीच खेला गया था। मजेदार बात यह है कि जब यह मुकाबला शुरू हुआ, तब इसे ‘टेस्ट’ का दर्जा प्राप्त नहीं था। उस समय इंग्लैंड की टीम ‘ऑल इंग्लैंड’ के नाम से मैदान पर उतरी थी। इसका मुकाबला न्यू साउथ वेल्स और विक्टोरिया की संयुक्त टीम से हुआ था। बाद में इस मुकाबले को आधिकारिक तौर पर दुनिया का पहला टेस्ट मैच घोषित किया गया। यहीं से उस सफर की शुरुआत हुई जिसमें आगे चलकर भारत और वेस्टइंडीज जैसी दिग्गज टीमें शामिल हुईं।
चार्ल्स बैनरमैन: वो नाम जिसने बनाया पहला रन और शतक
टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में पहला रन बनाने का गौरव ऑस्ट्रेलियाई कप्तान चार्ल्स बैनरमैन को मिला। उन्होंने मैच के दूसरे ओवर की दूसरी गेंद पर अपना खाता खोला था। बैनरमैन यहीं नहीं रुके, उन्होंने इसी मैच में टेस्ट क्रिकेट का पहला अर्धशतक और पहला शतक भी जड़ा। उन्होंने 165 रनों की यादगार पारी खेली और रिटायर्ड हर्ट होने वाले पहले खिलाड़ी भी बने। दिलचस्प बात यह है कि अपने पूरे करियर में केवल 3 टेस्ट खेलने वाले बैनरमैन का नाम हमेशा के लिए इतिहास के पन्नों में अमर हो गया।
गेंदबाजी में ऐलन हिल और बिली मिडिवंटर का जलवा
टेस्ट क्रिकेट का पहला विकेट इंग्लैंड के गेंदबाज ऐलन हिल के नाम रहा। उन्होंने नैट थॉमसन को बोल्ड कर पवेलियन का रास्ता दिखाया था। वहीं, ऑस्ट्रेलिया के बिली मिडिवंटर एक पारी में 5 विकेट लेने वाले दुनिया के पहले गेंदबाज बने। मैच के नतीजे की बात करें तो ऑस्ट्रेलिया ने अपनी पहली पारी में 245 रन बनाए थे। जवाब में इंग्लैंड की टीम पहली पारी में 196 और दूसरी पारी में 108 रनों पर सिमट गई। टॉम कैंड्डल की घातक गेंदबाजी के दम पर ऑस्ट्रेलिया ने यह पहला मुकाबला 46 रनों से जीत लिया था।

