Agra News: एंटोवायरल संक्रमण के कारण हाथ, पैर और मुंह की बीमारी (HFMD) के मामले बच्चों में तेजी से बढ़ रहे हैं। इस बीमारी में मुंह, हाथ और पैरों पर दर्दनाक छाले हो जाते हैं। बीमारी ठीक होने में आठ से दस दिन का समय लग सकता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने माता-पिता को सतर्कता बरतने की सलाह दी है।
छोटे बच्चों में अधिक खतरा
एसएन मेडिकल कॉलेज के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. नीरज यादव के अनुसार पांच साल से कम उम्र के बच्चों में इस बीमारी का खतरा अधिक होता है। उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है। इंडियन एकेडमी ऑफ पेडियाट्रिक्स के उपाध्यक्ष डॉ. अरुण जैन ने बताया कि पिछले एक सप्ताह में मामलों में वृद्धि देखी गई है।
बीमारी के प्रमुख लक्षण
इस बीमारी में तेज बुखार और गले में दर्द होता है। मुंह, जीभ, गाल और मसूड़ों में दर्दनाक छाले बन जाते हैं। हाथ, पैर और शरीर के अन्य हिस्सों पर लाल दाने नजर आते हैं। सिरदर्द, थकावट और भूख न लगना भी सामान्य लक्षण हैं।
संक्रमण के तरीके
यह बीमारी संक्रमित बच्चे के खांसने या छींकने से फैल सकती है। थूक के माध्यम से भी वायरस एक से दूसरे व्यक्ति में पहुंचता है। संक्रमित मल के संपर्क में आने से भी बीमारी फैलती है। स्कूल और डे-केयर सेंटरों में यह तेजी से फैल रही है।
बचाव के उपाय
बच्चों के हाथों को बार-बार साबुन से धोना चाहिए। सैनिटाइजर का नियमित उपयोग करना जरूरी है। संक्रमित व्यक्ति और उनके सामान से दूरी बनाए रखनी चाहिए। बीमार बच्चे को पूरी तरह ठीक होने तक स्कूल नहीं भेजना चाहिए।
शिशुओं में विशेष लक्षण
शिशुओं में इस बीमारी के अलग लक्षण दिखाई देते हैं। उनमें बार-बार लार गिरने की समस्या हो सकती है। पेट दर्द और उल्टी भी हो सकती है। छोटे बच्चे दर्द के कारण लगातार रोते रहते हैं। ऐसे में तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।


