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गुड़िया कांड; शिमला कोर्ट में हुई सुनवाई, परिजन सीबीआई जांच से संतुष्ट नही

हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले के बहुचर्चित कोटखाई गैंगरेप और मर्डर के मामले में शिमला जिला कोर्ट में आज सुनवाई होनी है। उम्मीद जताई जा रही है कि इस मामले कोर्ट अपना फैसला सुना सकती है। पीड़ित के परिवार को चार साल से पूरे मामले में न्याय का इंतजार है। बहुचर्चित गुड़िया प्रकरण जहां जिला कोर्ट में विचाराधीन है, वहीं, गुड़िया के परिजनों ने दोबारा जांच की मांग के लिए हाईकोर्ट में भी याचिका लगाई है। बीते शुक्रवार को हाईकोर्ट में इस केस पर बहस हुई थी। परिजन सीबीआई जांच से संतुष्ट नहीं है और गुड़िया की मां की ओर मामले की दोबारा जांच की मांग पर मदद सेवा ट्रस्ट की ओर से दायर की गई याचिका लगाई गई है। हाईकोर्ट में मामले पर अब 3 मई को सुनवाई होगी। याचिकाकर्ता ने कोर्ट में कहा कि सीबीआई की जांच अधूरी है। ये रेप नहीं गैंगरेप की जांच दोबारा होनी चाहिए। 

बता दें कि शिमला जिले के कोटखाई के महासू स्कूल की दसवीं की छात्रा 4 जुलाई 2017 को स्कूल से आने के बाद अचानक लापता हो गई थी। दो दिन बाद 6 जुलाई को उसकी लाश शव दांदी के जंगल में नग्न अवस्था में मिली थी। फॉरेंसिक रिपोर्ट में छात्रा के साथ रेप के बाद हत्या की बात सामने आई थी। शुरूआत में शिमला पुलिस ने इसकी जांच की थी। गैंगरेप की धाराओं में मामला दर्ज किया था और पांच आरोपी भी गिरफ्तार किए थे। एसआईटी जांच से जनता संतुष्ट नहीं थी और सरकार ने सीबीआई जांच की सिफारिश की थी। ये पांचों आरोपी बाद में बेल पर छोड़ दिए गए थे और सीबीआई की ओर से एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। 

18 जुलाई 2017 को कोटखाई थाने में एक आरोपी की संदिग्ध मौत के बाद जनाक्रोश भड़का और कई स्थानों पर उग्र प्रदर्शन हुए। केंद्र की ओर से सीबीआई जांच को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई। इस बीच प्रदेश में कानून व्यवस्था की स्थिती बिगड़ते देख सरकार सीबीआई जांच को लेक हाई कोर्ट गई और हाई कोर्ट ने सीबीआई को जांच करने के आदेश जारी किए थे। सीबीआई ने इस मामले में 13 अप्रैल 2018 को एक नीलू नामक एक चिरानी को गिरफ्तार किया था और उसके खिलाफ जुलाई 2018 में कोर्ट में चालान पेश किया था।

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