Karnataka News: बेंगलुरु और दिल्ली में दुकानदार यूपीआई पेमेंट लेने से कतरा रहे हैं। इसका कारण जीएसटी नोटिस है। कर्नाटक के जीएसटी विभाग ने 12 जुलाई को व्यापारियों को नोटिस भेजे, क्योंकि उनका टर्नओवर रजिस्ट्रेशन सीमा से अधिक था। डर के मारे कई दुकानदारों ने यूपीआई छोड़कर कैश अपनाया। हालांकि, विभाग ने स्पष्ट किया कि कैश पर भी जीएसटी लागू होगा। इससे व्यापारी परेशान हैं।
कैश पर भी जीएसटी नियम
कर्नाटक जीएसटी विभाग ने 17 जुलाई को बयान जारी किया। उन्होंने कहा कि जीएसटी हर तरह के पेमेंट पर लागू है। यूपीआई सिर्फ एक माध्यम है। अगर कोई दुकानदार केवल कैश लेता है, तब भी जीएसटी देना होगा। यदि टर्नओवर तय सीमा से अधिक है, तो रजिस्ट्रेशन अनिवार्य है। नोटिस से बचने के लिए दुकानदारों ने यूपीआई छोड़ दिया, लेकिन यह समाधान नहीं है।
जीएसटी रजिस्ट्रेशन की शर्तें
वस्तु एवं सेवा कर अधिनियम, 2017 की धारा 22 के अनुसार, जीएसटी रजिस्ट्रेशन अनिवार्य है। यह नियम उन व्यापारियों पर लागू होता है, जिनका सालाना टर्नओवर वस्तुओं के लिए 40 लाख रुपये या सेवाओं के लिए 20 लाख रुपये से अधिक है। 1.5 करोड़ रुपये से कम टर्नओवर वाले व्यापारी कंपोजिशन स्कीम चुन सकते हैं। इसमें 0.5% SGST और 0.5% CGST देना होता है।
व्यापारियों की चिंता
बेंगलुरु और दिल्ली में छोटे व्यापारी जीएसटी नोटिस से परेशान हैं। कुछ को लाखों रुपये के नोटिस मिले हैं। डिजिटल पेमेंट का डेटा विभाग के पास पहुंचने से टर्नओवर की जांच आसान हो गई। इससे डरकर व्यापारी कैश पर जोर दे रहे हैं। हालांकि, जीएसटी विभाग ने स्पष्ट किया कि सभी पेमेंट्स पर टैक्स लागू है। व्यापारियों को रजिस्ट्रेशन और टैक्स अनुपालन के लिए तैयार रहना होगा।

