Copenhagen News: ग्रीनलैंड पर नियंत्रण को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की जिद ने भारी हंगामा खड़ा कर दिया है। उनके बयानों के खिलाफ डेनमार्क और ग्रीनलैंड की राजधानी नूक में हजारों लोग सड़कों पर उतर आए हैं। प्रदर्शनकारियों ने ‘हैंड्स ऑफ ग्रीनलैंड’ अभियान के तहत अमेरिका को दूर रहने की चेतावनी दी है। ट्रंप ने विरोध करने वाले देशों को अब टैक्स (टैरिफ) लगाने की धमकी दी है, जिससे तनाव चरम पर पहुंच गया है।
‘हैंड्स ऑफ ग्रीनलैंड’ का नारा बुलंद
हजारों लोगों ने अपनी संप्रभुता बचाने के लिए जोरदार प्रदर्शन किया। जॉइंट एसोसिएशन इनुइट की अध्यक्ष कैमिला सीजिंग ने अमेरिका को कड़ा संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि हम अमेरिका की उन कोशिशों का विरोध करते हैं, जो ग्रीनलैंड को अपने अधीन करना चाहती हैं। प्रदर्शनकारियों ने साफ किया कि डेनिश साम्राज्य और ग्रीनलैंड के आत्मनिर्णय के अधिकार का सम्मान होना चाहिए। जनता किसी भी बाहरी दबाव को स्वीकार नहीं करेगी।
ट्रंप बोले- मैं हूं ‘टैरिफ किंग’
शुक्रवार को डोनाल्ड ट्रंप ने एक चेतावनी जारी कर आग में घी डालने का काम किया। उन्होंने कहा कि जो देश ग्रीनलैंड पर उनकी योजना का समर्थन नहीं करेंगे, उन पर भारी शुल्क (टैरिफ) लगाया जाएगा। इसके बाद ट्रंप ने सोशल मीडिया पर अपनी एक तस्वीर साझा की। इसमें उन्होंने खुद को ‘मिस्टर टैरिफ’ और ‘टैरिफ किंग’ घोषित किया। इस रवैये ने डेनमार्क और ग्रीनलैंड के लोगों के गुस्से को और भड़का दिया है।
राशन जमा कर रहे डरे हुए लोग
ग्रीनलैंड में नाटो (NATO) सैनिकों की मौजूदगी ने स्थानीय नागरिकों की चिंता बढ़ा दी है। युद्ध जैसे हालात की आशंका के चलते लोग जरूरी सामान और राशन का भंडारण कर रहे हैं। कुछ लोगों ने हालात बिगड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर जाने की तैयारी भी शुरू कर दी है। हालांकि, अमेरिकी सांसदों का एक दल कोपेनहेगन पहुंचा है। उन्होंने ट्रंप के उलट डेनमार्क का समर्थन किया है, लेकिन जनता अभी भी सहमी हुई है।
