Himachal News: हिमाचल प्रदेश के छात्रों और अभिभावकों के लिए राहत भरी खबर है। प्रदेश सरकार ने शिक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया है। अब राज्य के 100 नहीं, बल्कि 125 सरकारी स्कूलों में सीबीएसई (CBSE) पाठ्यक्रम पढ़ाया जाएगा। सरकार ने पहले चरण में 25 और नए स्कूलों का चयन कर लिया है। इन सभी स्कूलों में अब पहली से बारहवीं कक्षा तक सीबीएसई बोर्ड के तहत पढ़ाई होगी।
प्रधानाचार्यों ने किया ऑनलाइन आवेदन
शिक्षा विभाग ने संबद्धता की प्रक्रिया तेज कर दी है। चयनित स्कूलों के प्रधानाचार्यों को शिक्षा निदेशालय बुलाया गया था। यहां अधिकारियों की मौजूदगी में सीबीएसई संबद्धता (Affiliation) के लिए ऑनलाइन आवेदन किए गए। दरअसल, कई जन प्रतिनिधियों ने सरकार से अपने क्षेत्र के स्कूलों को सीबीएसई बोर्ड में शामिल करने का आग्रह किया था। इसी मांग को देखते हुए सरकार ने स्कूलों की संख्या बढ़ाने का फैसला लिया है।
19 जनवरी को कैबिनेट में फिर जाएगा मामला
सीबीएसई स्कूलों में पढ़ाने के लिए शिक्षकों का अलग कैडर बनेगा। शिक्षा विभाग ने शिक्षकों के चयन के लिए नियम तैयार कर लिए हैं। सूत्रों के मुताबिक, 19 जनवरी को होने वाली कैबिनेट बैठक में इस प्रस्ताव पर दोबारा चर्चा होगी। इससे पहले 30 दिसंबर की बैठक में भी इस पर बात हुई थी। सरकार शिक्षकों के लिए एक विशेष परीक्षा आयोजित करने की योजना बना रही है। प्रश्नपत्र पद और विषय के अनुसार तैयार होंगे ताकि योग्य शिक्षकों का चयन हो सके।
इन 25 नए स्कूलों का हुआ चयन
सरकार ने जिन अतिरिक्त स्कूलों को सीबीएसई से जोड़ने का फैसला किया है, उनकी जिलेवार सूची इस प्रकार है:
- बिलासपुर: राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, कपाहरा।
- चंबा: राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, ककीरा।
- हमीरपुर: भरेरी और बड़सर स्कूल।
- कांगड़ा: धर्मशाला महंता, कोटला, सल्याना, गरली, मझीन, रैत, परागपुर और खुंडियां।
- किन्नौर: निचार स्कूल।
- मंडी: रिवालसर और कांगू स्कूल।
- शिमला: शोघी, कुमारसैन, देहा बलसन, झाकड़ी, दत्तनगर, चौपाल (उत्कृष्ट विद्यालय) और कुपवी।
- सिरमौर: ददाहू स्कूल।
- सोलन: बरोटीवाला और धुंधन स्कूल।
