Himachal News: हिमाचल प्रदेश सरकार जलविद्युत परियोजनाओं को बड़ी राहत देने की तैयारी कर रही है। राज्य में लगाए गए दो प्रतिशत राजस्व कर (Revenue Tax) पर सोमवार को अहम फैसला होने जा रहा है। सरकार विशेष रूप से छोटे प्रोजेक्ट्स को इस टैक्स में रियायत देने पर विचार कर रही है। आज होने वाली एक महत्वपूर्ण बैठक में स्थिति पूरी तरह साफ हो जाएगी। यह फैसला हिमाचल प्रदेश के ऊर्जा क्षेत्र के लिए काफी मायने रखता है।
आज होगी हाई लेवल मीटिंग
सोमवार को राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी की अध्यक्षता में एक अहम बैठक बुलाई गई है। इस बैठक में हिमाचल प्रदेश की जलविद्युत कंपनियों के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे। चर्चा का मुख्य केंद्र छोटी जलविद्युत परियोजनाएं रहेंगी। बैठक में इस बात पर मंथन होगा कि इन छोटी कंपनियों को टैक्स में कितनी छूट दी जाए। सरकार इनकी समस्याओं को सुनकर ही अंतिम निर्णय लेगी।
1500 करोड़ की कमाई का लक्ष्य
राज्य सरकार ने जनवरी 2026 से सभी जलविद्युत परियोजनाओं पर दो प्रतिशत राजस्व कर लगाया है। सरकार का तर्क है कि इन प्रोजेक्ट्स से हिमाचल प्रदेश के पर्यावरण और संसाधनों पर असर पड़ता है। इसलिए राज्य को इसका उचित हिस्सा मिलना चाहिए। सरकार को उम्मीद है कि इस टैक्स से सालाना 1500 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आय होगी। इस पैसे का इस्तेमाल प्रदेश के विकास और सामाजिक योजनाओं में किया जाएगा।
छोटे प्रोजेक्ट्स की मुश्किलें
लघु जलविद्युत परियोजना संचालकों ने सरकार से राहत की गुहार लगाई है। उनका कहना है कि सीमित उत्पादन के कारण उन पर टैक्स का बोझ डालना सही नहीं है। राजस्व मंत्री ने भी संकेत दिए हैं कि सरकार उनकी व्यावहारिक दिक्कतों को समझती है। हिमाचल प्रदेश में निवेश और रोजगार को बचाए रखने के लिए सरकार एक संतुलित फैसला लेगी। उम्मीद है कि आज की बैठक से छोटे संचालकों को अच्छी खबर मिलेगी।

