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Sarkari Naukri: जनरल कोटे की सीटों पर किसका हक? सुप्रीम कोर्ट ने सुनाया अब तक का सबसे बड़ा फैसला

New Delhi News: देश में Sarkari Naukri की तैयारी कर रहे करोड़ों युवाओं के लिए सुप्रीम कोर्ट से बड़ी खबर आई है। शीर्ष अदालत ने साफ कर दिया है कि अच्छे अंक लाने वाले एससी, एसटी और ओबीसी उम्मीदवार भी जनरल (अनारक्षित) सीटों के हकदार हैं। कोर्ट ने कहा कि सामान्य श्रेणी की सीटें किसी खास वर्ग के लिए रिजर्व नहीं होती हैं। यह सीटें सभी के लिए खुली हैं और इन्हें सिर्फ मेरिट के आधार पर भरा जाना चाहिए।

मेरिट ही होगी नौकरी का आधार

सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि Sarkari Naukri की चयन प्रक्रिया में मेरिट को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। जस्टिस दीपांकर दत्ता और ऑगस्टिन जॉर्ज मसीह की बेंच ने यह अहम फैसला सुनाया। कोर्ट ने कहा कि अगर आरक्षित वर्ग का कोई उम्मीदवार जनरल कैटेगरी के लिए तय कट-ऑफ से ज्यादा नंबर लाता है, तो उसे जनरल लिस्ट में जगह मिलनी चाहिए। उसे उसकी जाति या श्रेणी की वजह से नुकसान नहीं होना चाहिए।

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आसान भाषा में समझें नया नियम

कोर्ट ने 2021 के सौरभ यादव बनाम यूपी सरकार केस का हवाला देते हुए स्थिति साफ की। Sarkari Naukri पाने के लिए यह नियम ऐसे काम करेगा:

  • अगर आरक्षित उम्मीदवार पहले चरण में जनरल कट-ऑफ से ज्यादा अंक लाता है, तो वह जनरल लिस्ट में जाएगा।
  • अगर वह अगले चरणों में भी मेरिट में रहता है, तो उसे जनरल कोटे से ही नौकरी मिलेगी।
  • अगर आगे के चरण में उसके नंबर कम रह जाते हैं, तो उसे वापस उसकी आरक्षित श्रेणी में जगह मिल सकती है।

राजस्थान की भर्ती में हुई थी गड़बड़ी

यह पूरा मामला राजस्थान की जिला अदालतों में क्लर्क और जूनियर असिस्टेंट के 2,756 पदों से जुड़ा है। साल 2023 में हुई इस Sarkari Naukri की भर्ती में अजीब स्थिति बन गई थी। लिखित परीक्षा के बाद जनरल कैटेगरी का कट-ऑफ 196 अंक रहा। वहीं, आरक्षित वर्गों का कट-ऑफ 220 से भी ऊपर चला गया। इस वजह से जनरल से ज्यादा नंबर लाने वाले कई आरक्षित उम्मीदवार टाइपिंग टेस्ट से बाहर हो गए थे।

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‘दोहरा लाभ’ वाली दलील खारिज

सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान हाई कोर्ट के उस फैसले को सही माना, जिसमें मेरिट लिस्ट को सुधारने का आदेश दिया गया था। कोर्ट ने उस दलील को खारिज कर दिया जिसमें कहा गया था कि आरक्षित वर्ग को Sarkari Naukri में दोहरा लाभ मिल रहा है। कोर्ट ने कहा कि कोई उम्मीदवार आरक्षण का लाभ तभी लेता माना जाएगा, जब उसने उम्र या पासिंग मार्क्स में छूट ली हो। सिर्फ आरक्षित वर्ग का होना ‘लाभ’ लेना नहीं है।

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