सुंदरनगर के नौलखा से डडोर के बीच में फोरलेन के लिए अधिग्रहण की गई जमीन के मामलों का निपटारा बीते 3 सालों से नहीं किया जा रहा है। प्रभावितों ने सरकार पर मामलों को लटकाने पर रोष जताया है। आरोप है कि मुख्यमंत्री के गृह जिला मंडी में ही डिवीजनल कमीशनर का पद ही करीब बीते तीन साल से रिक्त पडा हुआ है। जिससे दायर मामले भी लटक गए है। सरकार की ओर से इस दिशा में कोई पहल नही हो पाई है।

रविवार को नौलखा में जमीन के प्रभावितों मेे तारा चंद ठाकुर, निक्का राम वर्मा, उपेंद्र ठाकुर, जोगेंद्र सिंह, फता राम वर्मा, प्यार सिंह ठाकुर, इंद्र सिंह, केहर सिंह, हिम प्रभ, नंद लाल, धनी राम नायक, राज कुमार और कांग्रेस के पूर्व प्रवक्ता एंव महासचिव ब्रह्मदास चैहान ने आरोप लगाया कि प्रदेश के मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर मंडी जिले से है। लेकिन विकास के कार्य सिराज क्षेत्र के ही प्राथमिकाता पर किए जा रहे है। मंडी में डिवीजनल कमीशनर का पद खाली रहने के कारण किरतपुर से नागचला फोरलेर के नौलखा से डडोर के दायरे में ग्राम पंचायत चैक के नौलखा, कनैड पंचायत के तरोट और भौर तथा डडोर पंचायत में फोरलेन के लिए 2012-13 के तहत किसानों ने मुआवजे के विवाद को लेकर वर्ष 2016 में मामले दायर किए हुए है। विभाग की सुस्ती का खामियाजा फोरलेन प्रभावितों को भुगतना पड़ रहा है।

मंडी में 3 सालों से डिवीजनल कमीशनर का पद पर कोई स्थाई नियुक्ति नहीं की जा रही है। जिससे क्षेत्र के सैंकडोे किसानों की जमीन फोरलेन के लिए लेनेे के चलते मुआवजे के विवाद अभी तक सलझाने की बजाय पद रिक्त रहने के चलते लटकाया गया है। आरोप के कि प्रदेश की भाजपा की सरकार के दौरान में किसानों की कोई सुनाई नहीं की जा रही है।

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