Delhi News: केंद्र सरकार के लाखों कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए 8वें वेतन आयोग को लेकर एक बड़ी खुशखबरी सामने आ रही है। बीते बुधवार को दिल्ली में नेशनल काउंसिल-जेसीएम (JCM) की ड्राफ्टिंग कमेटी की एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। इस बैठक में सैलरी स्ट्रक्चर को पूरी तरह से बदलने और कर्मचारियों की मांगों को लेकर एक विशेष मेमोरेंडम तैयार किया गया है। अगर यूनियन की मांगें मान ली जाती हैं, तो कर्मचारियों के वेतन में अब तक का सबसे बड़ा उछाल देखने को मिल सकता है।
सैलरी में भारी बढ़ोतरी और 5 बड़ी मांगें
रेलवे कर्मचारियों की यूनियन (AIRF) के महासचिव शिव गोपाल मिश्रा के अनुसार, बैठक में फिटमेंट फैक्टर को 3.25 तक बढ़ाने की मांग पर सहमति बनाने की कोशिश की गई। इसके अलावा कर्मचारी संघ ने सालाना इंक्रीमेंट को वर्तमान 3% से बढ़ाकर 7% करने का प्रस्ताव रखा है। इस बदलाव से न केवल न्यूनतम वेतन की सीमा बढ़ेगी, बल्कि हाउस रेंट अलाउंस (HRA) और मेडिकल अलाउंस जैसे भत्तों में भी बड़ा सुधार होगा। निचले स्तर के कर्मचारियों के लिए एक नया ‘वेतन पैटर्न’ बनाने पर भी विशेषज्ञों ने चर्चा की है।
चपरासी का वेतन भी होगा ₹58,500 के पार
बैठक में तैयार किए गए खाके के अनुसार, यदि सरकार 3.25 फिटमेंट फैक्टर और 7% सालाना इंक्रीमेंट की मांगों पर मुहर लगाती है, तो इसका असर ऐतिहासिक होगा। गणना के मुताबिक, एक साधारण चपरासी (ग्रुप-डी कर्मचारी) की शुरुआती सैलरी भी ₹58,500 तक पहुंच सकती है। इसके साथ ही पुरानी पेंशन योजना (OPS) की बहाली का मुद्दा भी प्राथमिकता पर रखा गया है। कर्मचारी संघों ने स्पष्ट कर दिया है कि वे अपनी इन मांगों को लेकर सरकार और नए वेतन आयोग के सामने मजबूती से पक्ष रखेंगे।
10 मार्च को होगा फाइनल फैसला
जेसीएम की इस ड्राफ्टिंग कमेटी की बैठक के बाद अब सबकी नजरें 10 मार्च पर टिकी हैं। इस दिन एक और बड़ी बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें मेमोरेंडम को अंतिम रूप दिया जाएगा। इसके बाद इसे औपचारिक रूप से वेतन आयोग को सौंप दिया जाएगा। दिल्ली और केंद्र शासित प्रदेशों के कर्मचारियों को भी उचित प्रतिनिधित्व देने की मांग उठाई गई है, ताकि नियमों में समानता बनी रहे। होली से पहले होने वाली यह हलचल करोड़ों परिवारों की आर्थिक स्थिति को बदलने वाली साबित हो सकती है।
