केंद्र सरकार जल्द क्रिप्टोकरेंसी रखने या खरीद-फरोख्त पर प्रतिबंध लगा सकती है। इसके लिए सख्त कानून बनाने की तैयारी है, जिसमें जुर्माने के साथ सजा का प्रावधान होगा। कानून लागू करने से पहले मौजूदा ग्राहकों को क्रिप्टोकरेंसी बेचने के लिए छह महीने का समय दिया जा सकता है।

मामले से जुड़े सूत्रों के अनुसार, सरकार जल्द संसद में डिजिटल करेंसी बिल-2021 पेश करने वाली है। अगर यह पास होता है, तो भारत क्रिप्टोकरेंसी पर प्रतिबंध लगाने वाला पहला देश होगा। इससे पहले गवर्नर और वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण भी क्रिप्टोकरेंसी पर विरोध जता चुके हैं।

सरकार की ओर से 2019 में गठित समिति ने इसका कारोबार या खरीद-फरोख्त करने वालों को 10 साल सजा की सिफारिश की है। सूत्रों ने बताया कि इस बिल में क्रिप्टो संपत्ति से बाहर निकलने व इसे कानूनी मान्यता देने के लिए कितना जुर्माना भरना होगा यह अभी तय नहीं है।

भारत में 100 अरब रुपये का निवेश हुआ
सरकार की ओर से क्रिप्टोकरेंसी पर प्रतिबंध लगाने की चेतावनी के बावजूद भारत में बिटक्वाइन जैसी डिजिटल करेंसी में निवेश करने वालों की संख्या 80 लाख पहुंच गई है। भारतीय निवेशक अब तक बिटक्वाइन में 100 अरब रुपये लगा चुके हैं। गत शनिवार को वैश्विक बाजार में बिटक्वाइन का मूल्य 60 हजार डॉलर पहुंच गया, जिसने 2021 में दोगुने से भी ज्यादा बढ़त दर्ज की है। भारतीय निवेश में पिछले साल की अपेक्षा 30 गुना तेजी आई है। जनवरी-फरवरी में ही 20 हजार नए निवेशक जुड़े हैं।

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