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वैक्सीन लगाने के बाद इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज, साइड इफेक्ट को लेकर सरकार ने किया अलर्ट

नेशनल डेस्क: कोरोना के खिलाफ जंग में कारगर मानी जाने वाली कोविड-19 वैक्सीन पर जहां लाखों लोगों को भरोसा है तां वहीं कुछ इस पर सवाल उठा रहे हैं। अब ऐसे में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय (mohfw) नेस्वास्थ्य कर्मियों और टीका लेने वालों के एडवाइजरी जारी की है, ताकी वह लोगों को कोविड-19 टीका (विशेष रूप से कोविशील्ड) लगवाने के 20 दिनों के भीतर होने वाले संदिग्ध थ्रोम्बोएम्बोलिक लक्षणों के बारे में जागरूक कर सकें

वैक्सीन के साइड इफेक्ट को लेकर सरकार का अलर्ट

  • टीका लेने के 20 दिन तक AEFI की शिकायत आ सकती है 
  • शिकायत आने के बाद जहां टीका लिया वहां सम्पर्क करें
  • ब्लड क्लॉटिंग के अलावा कई दूसरी समस्या हो सकती है
  • वैक्सीन लेने के बाद शरीर के किसी हिस्से पर लाल रंग के धब्बों से सावधान
  • कन्फ्यूजन-डिप्रेशन या मूड स्विंग होना भी सामान्य बात नहीं 
  • वैक्सीनेशन सेंटर पर ये सब लक्षण रिपोर्ट करवाएं


इन लक्षणों से सावधान

  • सांस फूलना, 
  • सीने में दर्द
  • अंगों में दर्द 
  • अंगों को दबाने पर दर्द या  सूजन, 
  • किसी क्षेत्र में त्वचा पर लाल धब्बे, 
  • पेट में लगातार दर्द, 
  • उल्टी या बिना उल्टी के, लगातार सिरदर्द 


खून के थक्के जमने के कई मामले आए सामने 
कोविड-19 टीकाकरण के बाद प्रतिकूल प्रभावों की जांच करने वाली एक सरकारी समिति ने पाया कि भारत में कोविशील्ड टीका लगाये जाने के बाद रक्तस्राव और खून के थक्के जमने के 26 संभावित प्रतिकूल प्रभाव के मामले सामने आये हैं। देश में कोविशील्ड और कोवैक्सीन के टीकों के साथ टीकाकरण अभियान के शुरू होने के बाद से 23,000 से अधिक प्रतिकूल प्रभाव के मामलों की सूचना मिली और इनमें से 700 मामले गंभीर बताए गए हैं।


अति गंभीर मामलों की गहन समीक्षा 
नेशनल एडवर्स इवेंट फॉलोइंग इम्यूनाइजेशन कमेटी (एईएफआई) ने 498 गंभीर और अति गंभीर मामलों की गहन समीक्षा की है, जिनमें से 26 मामलों में कोविशील्ड टीका लगाये जाने के बाद संभावित थ्रोम्बोएम्बोलिक (रक्त वाहिका में एक थक्का जमना) बताया गया है और ऐसे मामले प्रति 10 लाख खुराक पर 0.61 मामले हैं। मंत्रालय ने कहा कि कोवैक्सीन टीका लगाये जाने के बाद कोई संभावित थ्रोम्बोएम्बोलिक मामले की सूचना नहीं है।’’


 कोविशील्ड में कोरोना को रोकने की जबरदस्त क्षमता: सरकार
बयान में कहा गया है कि भारत में एईएफआई के आंकड़ों से पता चला है कि थ्रोम्बोएम्बोलिक मामलों का एक बहुत ही छोटा लेकिन निश्चित जोखिम है। भारत में इन घटनाओं की सूचना दर प्रति 10 लाख खुराक पर लगभग 0.61 है, जो ब्रिटेन के नियामक मेडिकल एंड हेल्थ रेगुलेटरी अथॉरिटी (एमएचआरए) द्वारा रिपोर्ट किए गए प्रति 10 खुराक पर 4 मामलों से बहुत कम है। जर्मनी ने प्रति 10 लाख खुराक पर 10 मामलों की सूचना दी है। मंत्रालय ने कहा कि कोविशील्ड में दुनिया भर में और भारत में कोविड-19 के कारण संक्रमण को रोकने और मौतों को कम करने की जबरदस्त क्षमता है

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