Gorakhpur News: एम्स थाना क्षेत्र में हुई 84 लाख की डकैती मामले में बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई हुई है। एसएसपी राजकरन नय्यर ने लापरवाही बरतने पर एम्स थानेदार समेत तीन पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया है। इस सख्त कदम से पूरे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। एसएसपी ने तत्काल प्रभाव से इंस्पेक्टर चंद्र प्रकाश पांडेय को एम्स थाने की कमान सौंपी है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि गंभीर अपराधों में कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
लापरवाही पर एसएसपी का कड़ा एक्शन
सेवानिवृत्त लेखपाल के घर हुई डकैती के बाद पुलिस की कार्यशैली सवालों के घेरे में थी। जांच में शुरुआती स्तर पर शिथिलता और निगरानी में कमी की बात सामने आई। इसे गंभीरता से लेते हुए एसएसपी ने एम्स थानेदार संजय मिश्रा को हटा दिया है। उनके साथ ही थाने पर तैनात उपनिरीक्षक अजय कुमार यादव और मुख्य आरक्षी राकेश यादव पर भी गाज गिरी है। इन तीनों को लाइन हाजिर किया गया है। नए प्रभारी चंद्र प्रकाश पांडेय को इलाके में कानून-व्यवस्था सुधारने के सख्त निर्देश मिले हैं।
5 जनवरी को हुई थी खौफनाक डकैती
यह पूरा मामला एम्स थाना क्षेत्र के रजही गांव का है। बीती 5 जनवरी को बेखौफ बदमाशों ने रिटायर्ड लेखपाल बालेंद्र सिंह के घर धावा बोला था। डकैतों ने बालेंद्र सिंह और उनके परिवार को पिस्टल की नोक पर बंधक बना लिया था। इसके बाद बदमाशों ने घर से करीब 84 लाख रुपये के जेवर और नकदी लूट ली थी। इस वारदात ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी थी। घटना के बाद से ही पुलिस पर खुलासे का भारी दबाव था।
5 आरोपी गिरफ्तार, एक की तलाश
पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए अब तक पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए आरोपियों में रजही गांव का हिस्ट्रीशीटर डायना भी शामिल है। उसके साथ राजकुमार उर्फ टिंकू और जीतू को भी जेल भेजा गया है। हालांकि, डकैती में शामिल एक आरोपी अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। पुलिस की अलग-अलग टीमें उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही हैं। पुलिस का दावा है कि जल्द ही फरार आरोपी भी सलाखों के पीछे होगा।
